छात्रों के नाम PM मोदी का वीडियो संदेश, कहा- पेपर लीक पर कैबिनेट में उठाएंगे और कड़े कदम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फोटो- एएनआई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फोटो- एएनआई

NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के खिलाफ और कड़े कदम उठाने का ऐलान किया है. गुरुवार को जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को बेहद गंभीरता से ले रही है और 24 जुलाई को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सख्त प्रावधानों वाले मसौदे पर चर्चा की जाएगी.

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PM Modi On Paper Leak: पेपर लीक को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई की देर रात छात्रों के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया. अपने संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि 24 जुलाई को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पेपर लीक के खिलाफ और अधिक सख्त कदमों पर फैसला लिया जाएगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली मामला नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के भविष्य से जुड़ा बेहद गंभीर और पीड़ादायक मुद्दा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.

दोस्तों, मैं जानता हूं कि परीक्षा की प्रतियां लीक होना कोई आम बात नहीं है. लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए यह बेहद कष्टदायक है. इसीलिए परीक्षा की प्रतियां लीक होने की घटना के बाद पिछले ढाई महीनों में कई बड़े कदम उठाए गए हैं. दोषियों को पकड़ लिया गया है, वे फिलहाल जेल में हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


कड़े दंड का होगा प्रावधान

पीएम मोदी ने कहा कि विभागों ने रातभर काम कर मसौदा तैयार किया है, जिस पर कैबिनेट बैठक में चर्चा होगी. पीएम मोदी ने कहा कि प्रस्तावित मसौदे में पेपर लीक के आरोपियों के लिए कड़े दंड और मामलों के तेजी से निपटारे का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि कैबिनेट सहयोगियों के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा और संसद के मौजूदा सत्र में इसे जल्द से जल्द पारित कराने की कोशिश होगी.

22 लाख छात्रों का साल बचाना था सबसे बड़ी जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों का पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो. उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी ताकत लगाकर करीब 22 लाख छात्रों के लिए कम समय में दोबारा परीक्षा आयोजित कराई और हाल ही में उसके परिणाम भी घोषित किए गए.

पीएम मोदी ने कहा- दोषी जेल में हैं

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं. पेपर लीक मामलों में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और वे फिलहाल जेल में हैं.


इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा था कि युवाओं का कल्याण और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट बना रही है. उन्होंने लिखा था कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

PM मोदी के ऐलान पर CJP का जवाब

प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP ने कहा कि सिर्फ दोषियों को सजा देने की बात काफी नहीं है. संगठन का कहना है कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि बार-बार पेपर लीक हो क्यों रहे हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही क्यों तय नहीं की जा रही. जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन जारी रहेगा.

CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका का तंज

CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि आंदोलन शुरू होने के करीब डेढ़ महीने बाद प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया आई है, जिसका स्वागत है, लेकिन इससे मूल समस्या का समाधान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि पेपर लीक होने के बाद सजा देना अलग बात है, जबकि असली जरूरत ऐसी व्यवस्था बनाने की है जिससे पेपर लीक हो ही न सके.

'व्यवस्था पर उठ रहे हैं सवाल'

रांका ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होना इस बात का संकेत है कि व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं. जब तक जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक केवल सजा देने से समस्या खत्म नहीं होगी. उन्होंने कहा कि आंदोलन अब सिर्फ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं रह गया है और लोगों का गुस्सा केंद्र सरकार की ओर भी बढ़ रहा है.

सरकार से बातचीत पर क्या बोली CJP?

रांका ने बताया कि सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव मिला है, लेकिन CJP ने जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर बैठक का सुझाव दिया था. उनका आरोप है कि सरकार केवल जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बैठक चाहती है, जिसे संगठन ने स्वीकार नहीं किया.

'सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं चाहिए'

CJP ने कहा कि यदि बातचीत होती है तो उसमें केवल औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि मांगों को मानने या उन्हें पूरा करने की स्पष्ट समयसीमा दी जानी चाहिए. संगठन का कहना है कि बिना किसी ठोस नतीजे वाली बैठक में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है.

20 जून से जारी है आंदोलन

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जून से जंतर-मंतर पर कथित परीक्षा अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया था. आंदोलन में विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी भागीदारी रही है.

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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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