बिहार राज्यसभा चुनाव: 4 विधायक वाले उपेंद्र कुशवाहा बने उम्मीदवार, 19 वाली LJP-R को मौका नहीं, जानिए NDA का प्लान
चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की फाइल फोटो
Rajya Sabha Election 2026: बिहार में राज्यसभा के पांच सीटों पर चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है. एनडीए के उम्मीदवार लगभग फाइनल हैं. जबकि चिराग की पार्टी लोजपा-आरवी को एक भी सीट नहीं मिली. राजद की ओर से तेजस्वी यादव 5 मार्च को अपना उम्मीदवार घोषित करेंगे.
Rajya Sabha Election 2026: बिहार में राज्यसभा के पांच सीटों पर चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. एनडीए की ओर से लगभग सभी सीटों के उम्मीदवार तय हो गए हैं. 19 विधायक वाली चिराग की पार्टी लोजपा-रामविलास को एक भी सीट नहीं मिली हैं. वहीं एनडीए के तरफ से उपेंद्र कुशवाहा पांचवें उम्मीदवार घोषित किए गए हैं.
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एनडीए के उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट
बीजेपी ने दो सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सासाराम लोकसभा क्षेत्र से चुनाव हार चुके शिवेश राम. वहीं RLM की ओर उपेंद्र कुशवाहा उम्मीदवार घोषित किए गए हैं. एनडीए के तीन उम्मीदवार फाइनल हैं. वहीं जदयू की ओर से दो उम्मीदवारों की चर्चा तेज है. रामनाथ ठाकुर और सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की. हालांकि, अभी इसकी औपचारिक घोषणा बाकी है.
चिराग की पार्टी को एक भी सीट नहीं
वहीं चिराग की पार्टी लोजपा (रामविलास) के 19 विधायक होने के बावजूद उनकी पार्टी को कोई सीट नहीं मिली. लेकिन पार्टी ने कहा है कि वे एनडीए के प्रत्याशियों का पूरा समर्थन करेंगे और उनकी जीत सुनिश्चित करने में योगदान देंगे. हालांकि, कुछ दिनों पहले राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा थी कि चिराग की मां राज्यसभा जा सकती हैं.
रीना पासवान को लेकर हुई अफवाहों का खंडन
चिराग पासवान की मां रीना पासवान को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा तेज थी. इस पर उन्होंने साफ कर दिया कि वे सक्रिय राजनीति में नहीं आ रही हैं. चिराग पासवान ने भी कहा कि इसे चर्चा का हिस्सा न बनाएं.
राजद की ओर से घोषणा कल
राजद की ओर से तेजस्वी यादव 5 मार्च को अपना उम्मीदवार घोषित करेंगे. इस बार की राज्यसभा लड़ाई में राजनीतिक हलचल तेज है.
मांझी की मांग भी नहीं मानी गई
केंद्रीय मंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने एक राज्यसभा सीट की मांग की थी. उनकी पार्टी के पांच विधायक और एक विधान पार्षद हैं. हालांकि, मांझी को इस बार मौका नहीं मिला. उन्होंने कहा कि अंतिम समय तक प्रतिक्षा करेंगे, लेकिन किसी दावे का दबाव नहीं बनाएंगे.
आगे की प्रक्रिया
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन 5 मार्च तक दाखिल किए जाएंगे. मतदान 16 मार्च को होगा. राजनीतिक हलचल और सीटों के बंटवारे को लेकर बिहार में सियासी माहौल काफी गर्म है.
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