पटना जू में आएंगे नए मेहमान, सफेद बाघिन से लेकर संगाई हिरण तक बढ़ेगा रोमांच

Updated at : 09 Apr 2026 10:02 AM (IST)
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Patna News 9 April 2026.

संजय गांधी जैविक उद्यान' (पटना जू)

Patna News : पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान में जल्द ही रौनक और बढ़ने वाली है. एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत दिल्ली और रोहतक जू के साथ समझौता फाइनल हो गया है, जिसके बाद कई दुर्लभ और आकर्षक वन्यजीव पटना जू में लाए जाएंगे.

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Patna News : पटना का सबसे पसंदीदा पिकनिक स्पॉट ‘संजय गांधी जैविक उद्यान’ (पटना जू) की रौनक अब दोगुनी होने वाली है. जल्द ही पटना जू में कई नए और दुर्लभ वन्यजीव दस्तक देने वाले हैं.

एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पटना जू ने दिल्ली और हरियाणा के रोहतक जू के साथ एक बड़ा समझौता फाइनल किया है, जिससे यहां सफेद बाघिन और संगाई हिरण जैसे शानदार जीव देखने को मिल सकते है.

दिल्ली से आएगा सफेद बाघिन का जोड़ा

पटना जू प्रशासन और दिल्ली चिड़ियाघर के बीच हुई इस अदला-बदली में सबसे बड़ा आकर्षण सफेद बाघिन होने वाली है. इसके साथ ही मणिपुर का गौरव माने जाने वाले 6 संगाई हिरण (2 नर और 4 मादा) भी पटना के मेहमान बनेंगे.

दिल्ली से 4 सफेद कृष्णमृग, 4 रोजी पेलिकन और 4 पेंटेड स्टॉर्क भी लाए जाएंगे, जिससे जू के पक्षी जोन में काफी हलचल बढ़ जाएगी.

रोहतक जाएंगे पटना के ये खास जानवर

इस अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले वन्यजीव विनिमय के तहत पटना जू भी अपने कुछ बेहतरीन जानवर अन्य शहरों को सौंपेगा. दिल्ली जू को पटना की ओर से 4 इंडियन वुल्फ (भेड़िये), एक सामान्य नर बाघ, 4 घड़ियाल, 2 कॉमन रैट स्नेक और 2 कॉमन बार्न आउल दिए जाएंगे. भेड़ियों की एक जोड़ी हरियाणा के रोहतक जू भेजी जाएगी.

इसके बदले में रोहतक से पटना को 2 ग्रीन इगुआना और 2 सिल्वर फिजेंट मिलेंगे. यह एक्सचेंज प्रोग्राम न केवल जू की विविधता बढ़ाएगा, बल्कि विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण में भी मदद करेगा.

क्यों जरूरी है जानवरों की यह ‘अदला-बदली’?

जू प्रशासन के अनुसार, एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों के बीच जेनेटिक डाइवर्सिटी को बनाए रखना है. अक्सर एक ही चिड़ियाघर में रहने वाले जानवरों के बीच ‘इनब्रीडिंग’ की समस्या पैदा हो जाती है, जिससे उनकी अगली पीढ़ी कमजोर होने लगती है.

दूसरे शहरों से नए जानवर आने से प्रजातियों का स्वास्थ्य बेहतर होता है और जेनेटिक कमियां दूर होती हैं. इससे न केवल जानवरों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि पर्यटकों को भी हर बार कुछ नया देखने को मिलेगा.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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