Nawada News : जर्जर भवन में डर के साए में काम कर रहे कर्मचारी

Published by : YUVRAJ RATAN Updated At : 15 May 2026 10:26 AM

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बाल विकास परियोजना कार्यालय पकरीबरावां का जर्जर भवन

Nawada News : जर्जर भवन में डर के साए में काम कर रहे कर्मचारी, मरम्मत की सख्त जरूरत

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Nawada News (विश्वनाथ कुमार) : पकरीबरावां– बाल विकास परियोजना कार्यालय का भवन वर्तमान समय में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है. भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है. ऐसी स्थिति में इस भवन में काम करने वाले कर्मचारी किसी अनहोनी की आशंका से भयग्रस्त रहते हैं. बाल विकास परियोजना कार्यालय का भवन इस कदर जर्जर हो चुका है कि काम करने वाले कर्मचारी हर समय हादसे के डर में जी रहे हैं. 6 दिन पूर्व ही कार्यालय के छत का प्लास्टर टूटकर नीचे गिरा. जिसमें कार्यपालक सहायक सूर्यकांत कुमार बाल बाल बच गए. हालांकि कार्यालय का अधिकांश प्लास्टर जर्जर होकर उखड़ चुका है. जिससे दीवारों पर दरारें साफ दिख रही है.

भयभीत होकर कर्मचारी काम करने करने को मजबूर

घटना से आहत हुए कार्यपालक सहायक सूर्यकांत कुमार ने बताया कि दीवार का प्लास्टर हर हमेशा टूट कर गिरते रहते हैं. हम सभी कर्मचारी भयभीत होकर काम करने को मजबूर हैं. अगर स्थिति ऐसा ही रहा तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. स्पष्टता यह कहा जाए मरम्मत के अभाव में बाल विकास परियोजना कार्यालय अपने अस्तित्व को खोने लगे हैं. कर्मचारियों कि माने तो उनकी परेशानी केवल जर्जर भवन ही नहीं है बल्कि कार्यालय में शौचालय, पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है.

पीने के पानी और शौचालय के लिए बाहर जाते हैं कर्मचारी

कार्यालय में कर्मचारियों व आगंतुकों को पीने के पानी और शौचालय के लिए बाहर का सहारा लेना पड़ता है. विदित हो कि कार्यालय में हर माह मासिक बैठक आयोजित की जाती है. यहां तक की सेक्टर बैठकें भी समय-समय पर इसी जर्जर भवन में आयोजित की जाती है. बैठक के समय आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका का जमावड़ा लग जाता है, ऐसी स्थिति में खतरा और भी बढ़ जाता है.

भविष्य में हो सकती है बड़ी घटना

निम्न वर्गीय कर्मचारी सुश्री सीमा कुमारी ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि स्थिति यही रही तो भविष्य में किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है. बताया जाता है कि तत्कालीन जिलाधिकारी आशुतोष कुमार वर्मा ने भी इस भवन की जर्जर हालत को देखा था लेकिन मरम्मत या वैकल्पिक भवन की दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

भवन को तत्काल मरम्मत की जरूरत

इधर वर्तमान बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सुश्री नेहा कुमारी ने बताया कि भवन की मरम्मत अथवा वैकल्पिक व्यवस्था के लिए वरीय पदाधिकारी को अवगत कराया गया है. हमने आग्रह किया है कि या तो इस भवन की तत्काल मरम्मत हो या फिर हमें सुरक्षित स्थान पर कार्य करने की व्यवस्था दी जाए.

सरकार की लापरवाही आई सामने

वहीं स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो यहां कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है. सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का होना आवश्यक है लेकिन इस भवन की हालत सरकारी लापरवाही की कहानी बयां कर रही है. अब देखना है कि प्रशासन कब तक इस पर कार्रवाई करता है.

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