ऑनलाइन वोटिंग का झांसा देकर किया ट्रैप, फर्जी ऐप में निवेश से कर ली 22 लाख की ठगी

Published by : CHANDAN Updated At : 13 Sep 2025 8:08 PM

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ऑनलाइन वोटिंग का झांसा देकर किया ट्रैप, फर्जी ऐप में निवेश से कर ली 22 लाख की ठगी

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संवाददाता, मुजफ्फरपुर शहर में साइबर फ्रॉड का एक बड़ा मामला सामने आया है. शातिर अपराधियों ने एक व्यक्ति को 22 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया है. पीड़ित युवक नगर थाना क्षेत्र के अखाड़ाघाट का रहने वाला है. उसने साइबर थाने में राजीव मेहता और कृतिका जोशी नाम के दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. पीड़ित ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने एक फर्जी ऐप और वेबसाइट के माध्यम से खुद को एक प्रतिष्ठित स्टॉक ब्रोकर कंपनी का प्रतिनिधि बताया और उनसे 22 लाख रुपये ठग लिए. पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है. ऐसे हुई ठगी की शुरूआत शिकायत के मुताबिक, धोखाधड़ी की शुरुआत 23 जून 2025 को हुई. साइबर अपराधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से ””7777 फायर्स वेदवाणी धर्मा नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन किया था. ग्रुप में राजीव मेहता ने जो खुद को फायर्स सिक्योरिटीज का चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर बता रहे थे, सभी सदस्यों को ””वर्ल्ड फाइनेंस चैलेंज”” में वोटिंग के लिए आग्रह किया. वोटिंग के लिए, संजीव को फायर्स एचएनआई ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया. साइबर अपराधियों ने इस ऐप के जरिए पीड़ित को आईपीओ इन्वेस्टमेंट के लिए प्रोत्साहित किया. उसने ऐप में दिए गए फायर्स सिक्योरिटीज के क्रेडेंशियल्स की जांच सेबी की आधिकारिक वेबसाइट पर की और उन्हें सही पाया. इसके बाद, उन्होंने 26 जून 2025 को पहला 10,000 रुपये का फंड जमा किया. 26 जून से लेकर 14 अगस्त 2025 के बीच, उन्होंने कुल 22 लाख 20 हजार रुपये 16 लेनदेन के माध्यम से अलग-अलग 12 बैंक खातों में जमा किए. इस तरह हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा 15 अगस्त 2025 को, जब ठगी के शिकार युवक ने फंड निकालने का अनुरोध किया, तो उनकी निकासी की मांग को खारिज कर दिया गया. उनसे कुल राशि का 10% सेवा शुल्क के रूप में देने के लिए कहा गया. शक होने पर उसने ऐप में दिए गए ईमेल आईडी पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सभी मेल बाउंस हो गए.इसके बाद, पीड़ित युवक ने 19 अगस्त 2025 को फायर्स सिक्योरिटीज की आधिकारिक ईमेल आईडी पर संपर्क किया. कंपनी से जवाब आया कि उनके पास ऐसा कोई खाता नहीं है और यह एक धोखाधड़ी वाली गतिविधि है. कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका फायर्स एचएनआई ऐप से कोई संबंध नहीं है और कुछ लोग उनके प्रमाण-पत्रों का दुरुपयोग कर रहे हैं. पीड़ित ने इस संबंध में सेबी और एचडीएफसी बैंक को भी रिपोर्ट किया है. उन्होंने कुल नौ शिकायत रिपोर्ट दर्ज कराई है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और ठगी गई राशि को रिकवर करने का प्रयास कर रही है.

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