चंदवारा के गोदाम से मिला प्रसाद अस्पताल का 15 साल पुराना नक्शा, अवैध पांचवीं मंजिल पर चल रहा था ICU

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Old approved building map of Prasad Hospital recovered during investigation in Muzaffarpur.

प्रसाद अस्पताल

मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल से जुड़े बड़े खुलासे में चंदवारा स्थित गोदाम से 15 वर्ष पुराना मूल नक्शा बरामद हुआ है. जांच में पता चला कि स्वीकृत नक्शे के विपरीत अवैध पांचवीं मंजिल बनाकर वहां ICU संचालित किया जा रहा था. पढ़ें पूरी खबर..

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मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट

मुजफ्फरपुर शहर के चंदवारा स्थित पानीकल परिसर के गोदाम से प्रसाद अस्पताल के भवन निर्माण से संबंधित 15 वर्ष पुराना मूल नक्शा बरामद होने के बाद बड़े पैमाने पर हुए कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया है कि जिस अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर हाल में भीषण आग लगी थी, वह पूरी मंजिल ही स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्मित की गई थी. इसी अवैध मंजिल पर अति संवेदनशील ICU (इंटेंसिव केयर यूनिट) संचालित किया जा रहा था.

इतना ही नहीं, अस्पताल के पिछले हिस्से में निर्मित भवन के लिए नगर निगम से किसी प्रकार का स्वीकृत नक्शा भी नहीं मिला है. इस खुलासे के बाद नगर निगम प्रशासन ने मामले में सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है.

दस्तावेज दबाने की कोशिश नाकाम

सूत्रों के अनुसार भवन से संबंधित फाइल और नक्शे को दबाने तथा दस्तावेजों को गायब करने का प्रयास किया जा रहा था. नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह स्वयं मंगलवार सुबह चंदवारा स्थित गोदाम पहुंचे और उनकी मौजूदगी में पुराने अभिलेखों की गहन जांच कराई गई. लंबी खोजबीन के बाद संबंधित फाइल और नक्शे की प्रति बरामद कर ली गई. नगर निगम अब बरामद दस्तावेजों के आधार पर पूरे निर्माण की वैधता की जांच कर रहा है.

स्वीकृत नक्शे और वास्तविक निर्माण में भारी अंतर

जांच में वर्ष 2011 में आर्किटेक्ट विपुल कुमार द्वारा नगर निगम में जमा कराए गए नक्शे की प्रति मिली. दस्तावेजों और वास्तविक निर्माण की तुलना में कई गंभीर विसंगतियां सामने आईं. भवन का स्वीकृत नक्शा एक महिला के नाम पर पारित कराया गया था. स्वीकृत योजना के अनुसार पार्किंग के अतिरिक्त सीमित मंजिलों पर ही अस्पताल संचालन की अनुमति थी. चौथी मंजिल को पूरी तरह आवासीय उपयोग के लिए दर्शाया गया था.

अवैध पांचवीं मंजिल पर संचालित हो रहा था ICU

जांच में सामने आया कि स्वीकृत नक्शे के विपरीत भवन को अवैध रूप से पांचवीं मंजिल तक विस्तारित कर दिया गया. इसी अवैध पांचवीं मंजिल पर ICU संचालित किया जा रहा था, जहां गंभीर मरीजों का इलाज किया जाता था. हाल में हुई भीषण आग की घटना भी इसी हिस्से में हुई थी. अब नगर निगम यह जांच कर रहा है कि भवन निर्माण, उपयोग और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन में किन-किन लोगों की भूमिका रही.

नगर निगम की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

नक्शे की बरामदगी के बाद नगर निगम प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच में जुट गया है. अधिकारियों का कहना है कि स्वीकृत नक्शे और वास्तविक निर्माण में पाए गए अंतर के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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