घर की चौखट पर बैठना क्यों है वर्जित? देवकीनंदन ठाकुर ने बताया धार्मिक रहस्य

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Devkinandan Thakur

देवकीनंदन ठाकुर

Devkinandan Thakur: भारतीय संस्कृति और वास्तु शास्त्र में घर की चौखट को घर के सबसे पवित्र स्थानों में से एक माना गया है. लेकिन इस स्थान पर बैठना या खड़े रहना वर्जित माना गया है. आइए, जानते हैं कि इसके पीछे क्या कारण है और इस बारे में देवकीनंदन ठाकुर का क्या कहना है.

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Devkinandan Thakur: भारतीय संस्कृति में रहन-सहन और दैनिक जीवन से जुड़े कई नियम बताए गए हैं. इन्हीं में से एक नियम है घर की चौखट (दहलीज) पर न बैठना. आपने अक्सर बड़े-बुजुर्गों को यह कहते सुना होगा कि शाम के समय घर की चौखट पर नहीं बैठना चाहिए, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों कहा जाता है? क्या यह केवल सदियों से चली आ रही लोकमान्यता है या इसके पीछे कोई गहरा आध्यात्मिक रहस्य छिपा है? आइए, इन सवालों के जवाब जानते हैं भारत के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के माध्यम से.

देवकीनंदन ठाकुर ने क्या कहा?

देवकीनंदन ठाकुर के अनुसार, “घर की चौखट यानी दहलीज पर नहीं बैठना चाहिए, क्योंकि यह भगवान नरसिंह का स्थान माना जाता है. ऐसे पवित्र स्थान पर बैठना अशुभ माना गया है.”

पौराणिक कथा

भगवान नरसिंह और हिरण्यकशिपु

कथा के अनुसार, असुर राजा हिरण्यकशिपु को ब्रह्माजी से ऐसा वरदान प्राप्त था कि उसे न कोई घर के भीतर मार सकता था और न बाहर, न दिन में और न रात में, न किसी अस्त्र से और न शस्त्र से, तथा न कोई मनुष्य और न ही पशु उसका वध कर सकता था.

तब भगवान विष्णु ने आधे सिंह और आधे मनुष्य के रूप में नरसिंह अवतार धारण किया. उन्होंने गोधूलि बेला (शाम के समय) में हिरण्यकशिपु को घर की चौखट पर अपनी जांघों पर लिटाकर अपने नाखूनों से उसका वध किया. चौखट को न तो घर के भीतर का हिस्सा माना जाता है और न ही बाहर का. इस प्रकार भगवान विष्णु ने हिरण्यकशिपु के वरदान को निष्फल कर दिया. इसी घटना के बाद से चौखट को एक विशेष और पवित्र स्थान माना जाने लगा. मान्यता है कि इस स्थान का सम्मान करना चाहिए और इस पर बैठने या पैर रखने से बचना चाहिए.

वास्तु शास्त्र के नियम

वास्तु शास्त्र में घर की मुख्य चौखट को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. इसे घर का मुख कहा जाता है, जहां से सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि का प्रवेश होता है.

मान्यता है कि शाम के समय घर की मुख्य दहलीज से माता लक्ष्मी का आगमन होता है. ऐसे में यदि कोई व्यक्ति चौखट पर बैठा रहता है, तो उसे मां लक्ष्मी के मार्ग में बाधा माना जाता है. कहा जाता है कि इससे घर में आर्थिक परेशानियां और नकारात्मकता बढ़ सकती है. इसलिए वास्तु शास्त्र में भी शाम के समय चौखट पर बैठने से बचने की सलाह दी गई है.

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नेहा कुमारी

लेखक के बारे में

By नेहा कुमारी

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.

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