मुंगेर विश्वविद्यालय : खुद की उलझी नामांकन प्रक्रिया, विलंब शुल्क भरेंगे विद्यार्थी
Updated at : 13 Mar 2026 6:36 PM (IST)
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मुंगेर विश्वविद्यालय की नामांकन प्रक्रियाएं कितनी लंबी और उलझी होती है, यह खुद विश्वविद्यालय के विद्यार्थी ही समझ सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद अब खुद विद्यार्थियों को इन उलझी और लंबी नामांकन प्रक्रिया के बाद रजिस्ट्रेशन के लिये विलंब शुल्क भरना पड़ रहा है.
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100 रुपये की जगह अब विद्यार्थी भर रहे 500 रुपये का विलंब शुल्क
मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय की नामांकन प्रक्रियाएं कितनी लंबी और उलझी होती है, यह खुद विश्वविद्यालय के विद्यार्थी ही समझ सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद अब खुद विद्यार्थियों को इन उलझी और लंबी नामांकन प्रक्रिया के बाद रजिस्ट्रेशन के लिये विलंब शुल्क भरना पड़ रहा है. हद तो यह है कि एमयू अपने विद्यार्थियों से ही विलंब शुल्क के रूप में 100 रुपये की जगह 500 रुपये ले रहा है. जिससे खुद विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डाल रहा है.100 की जगह 500 भर रहे विलंब शुल्क
एमयू द्वारा 13 और 14 मार्च को दो दिनों के लिये पीजी के सत्र 2025-27 पीजी सेमेस्टर-1 में नामांकन से वंचित विद्यार्थियों के लिये रजिस्ट्रेशन का समय दिया गया है. इसमें वैसे विद्यार्थी, जो एमयू से स्नातक उत्तीर्ण हैं. उनसे विश्वविद्यालय द्वारा 500 रुपये का विलंब शुल्क लिया जा रहा है, जबकि अन्य विश्वविद्यालय से स्नातक उत्तीर्ण विद्यार्थियों से 1 हजार रुपये का विलंब शुल्क लिया जा रहा है. ऐसे में एमयू अपने पीजी विभाग व पीजी सेंटर में नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों पर कितना आर्थिक बोझ डाल रहा है. इसका केवल अंदाजा ही लगाया जा सकता है.खुद की नामांकन प्रक्रिया ही लंबी और ऊबाऊ
एमयू की नामांकन प्रक्रिया ही इतनी लंबी और ऊबाऊ होती है कि सभी प्रक्रियाओं में शामिल होना कई बार विद्यार्थियों के लिये मुश्किल भरा होता है. कुछ ऐसा ही पीजी के सत्र 2025-27 का ही रहा. इस सत्र में नामांकन के लिये विश्वविद्यालय द्वारा सितंबर 2025 में ही प्रक्रिया आरंभ की गयी, जबकि नामांकन प्रक्रिया पूरी होने में 5 माह का समय लग गया और इस सत्र में अंतिम नामांकन प्रक्रिया फरवरी माह में समाप्त हुयी थी. हद तो यह थी कि जहां इस सत्र के पहले तीन मैरिट लिस्ट के नामांकन और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया एक साथ संचालित की गयी. वही चौथे और पांचवें मैरिट लिस्ट की नामांकन प्रक्रिया के बाद अलग से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूर्ण की गयी.पूर्व के पैसे तक विद्यार्थियों को अबतक नहीं मिले
एमयू भले ही अपने विद्यार्थियों से मोटे विलंब शुल्क ले रहा हो, लेकिन जब खुद की गलतियों के कारण विद्यार्थियों को पैसे लौटने की बात हो तो उसके लिये काफी लंबी प्रक्रिया होती है. बता दें कि पीजी सत्र 2025-27 पीजी सेमेस्टर-1 में नामांकन के दौरान दिसंबर 2025 में ऑन-द-स्पॉट नामांकन प्रक्रिया के तहत विश्वविद्यालय द्वारा 700 रुपये लेकर दोबारा आवेदन लिया गया, हलांकि एक दिन बाद ही आवेदन प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया, लेकिन इस दौरान आवेदन कर चुके विद्यार्थियों को तीन माह बाद भी अपने आवेदन की राशि नहीं मिल पायी है. हद तो यह है कि बीते दिनों ही एमयू द्वारा विद्यार्थियों से आवेदन राशि वापस करने के लिये अलग से फॉर्मेट दिया गया है. जिसे भरकर जमा करने के बाद विद्यार्थियों को राशि वापस की जायेगी.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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