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जमालपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व स्वास्थ्य प्रबंधक सहित चार का वेतन बंद

Updated at : 09 Mar 2026 6:54 PM (IST)
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जमालपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व स्वास्थ्य प्रबंधक सहित चार का वेतन बंद

जमालपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व स्वास्थ्य प्रबंधक सहित चार का वेतन बंद

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एक्सपायरी दवा वितरण मामले में जांच करेगी तीन सदस्यीय समिति

मुंगेर. जमालपुर प्रखंड अंतर्गत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हलीमपुर गौरीपुर में मरीजों को एक्सपायरी (समय सीमा समाप्त) दवाइयां दिए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है. इस लापरवाही को जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है. प्रभारी सिविल सर्जन डॉ रमन कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है. इसके साथ ही, अगले आदेश तक संबंधित केंद्र की सीएचओ, एएनएम सहित जमालपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व स्वास्थ्य प्रबंधक के वेतन पर रोक लगा दी गयी है.

48 घंटों में जांच रिपोर्ट सौंपने का दिया निर्देश

प्रभारी सिविल सर्जन ने बताया कि अखबारों में खबर प्रकाशित होने के बाद मामले का संज्ञान लिया गया. जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय टीम में डॉ ध्रुव कुमार, डॉ किष्टो व आइडीएसपी प्रेमरंजन दूबे शामिल हैं. इस कमेटी को 48 घंटों के भीतर स्थल निरीक्षण कर व साक्ष्यों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट कार्यालय को सौंपने का निर्देश दिया गया है.

इन अधिकारियों व कर्मियों पर गिरी गाज

लापरवाही के इस मामले में जवाबदेही तय करते हुए जमालपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सुमन, जमालपुर के स्वास्थ्य प्रबंधक राहुल पटेल, हलीमपुर गौरीपुर की सीएचओ रिविका कुमारी व गौरीपुर केंद्र हलीमपुर की एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा गया है. विभाग ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है.

जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि सोमवार को जमालपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को संबंधित केंद्र पर भेजकर प्राथमिक जानकारी ली गयी है. उन्होंने कहा कि मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले

उल्लेखनीय है कि जिले में स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली पहले भी सवालों के घेरे में रही है. इससे पूर्व सदर प्रखंड के एचडब्लूसी जनमडिग्री में भी दवाइयां फेंके जाने का मामला सामने आया था. उस समय भी तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनायी गयी थी, लेकिन अब तक उस मामले में किसी ठोस कार्रवाई का न होना विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े करता है. अब देखना यह है कि हलीमपुर गौरीपुर मामले में दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है.

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AMIT JHA

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By AMIT JHA

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