जीविका से बर्खास्त हुई चार महिलाकर्मी का आमरण अनशन प्रारंभ, जांच की मांग

Published by :ANAND KUMAR
Published at :29 Apr 2026 7:47 PM (IST)
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जीविका से बर्खास्त हुई चार महिलाकर्मी का आमरण अनशन प्रारंभ, जांच की मांग

प्रखंड मुख्यालय स्थित जीविका कार्यालय के समीप बर्खास्त चार महिला कर्मियों ने बुधवार को बहाली की मांग को लेकर आमरण अनशन प्रारंभ किया.

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संग्रामपुर. प्रखंड मुख्यालय स्थित जीविका कार्यालय के समीप बर्खास्त चार महिला कर्मियों ने बुधवार को बहाली की मांग को लेकर आमरण अनशन प्रारंभ किया. अनशन पर बैठी महिलाएं रीता मनोहर, रंजना शुक्ला, रजनी कुमारी और रोजी कुमारी अपनी बहाली और न्याय की मांग को लेकर कार्यालय के पास डेरा डाले हुए है. महिलाओं का कहना है कि वे बिहार जीविका परियोजना के अंतर्गत बीपीआइयू में सामुदायिक उत्प्रेरक (सीएम) के पद पर वर्षों से कार्यरत थीं और वर्ष 2014 से समूह एवं ग्राम संगठन के गठन और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है. पीड़ित महिलाओं के अनुसार, 28 सितंबर 2024 को मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर किए गए शांतिपूर्ण आंदोलन में भाग लेने के बाद 3 दिसंबर 2024 को उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में पद से हटा दिया गया. उनका आरोप है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से एकतरफा, मनमानी और साजिश के तहत की गई है. उन्होंने कहा कि उस आंदोलन में कई अन्य कर्मी भी शामिल थे, लेकिन कार्रवाई केवल चार लोगों पर ही की गई, जो भेदभावपूर्ण है. महिलाओं ने संबंधित अधिकारियों और सीएलएफ पदाधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की. अनशन पर बैठी महिलाओं का कहना है कि जीविका ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है और बर्खास्तगी के बाद वे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही है. उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा.

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