औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन अधिग्रहण का किया विरोध, काला पट्टी लगाकर पहुंचे किसान

Edited by ANAND KUMAR
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असरगंज में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र विकास परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है, लेकिन जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया का किसानों ने विरोध किया है.

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असरगंज. असरगंज में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र विकास परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है, लेकिन जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया का किसानों ने विरोध किया है. इसे लेकर शनिवार को प्रखंड कार्यालय के समीप दुग्ध उत्पादन केंद्र के सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जहां बड़ी संख्या में प्रभावित किसान माथे पर काली पट्टी लगाकर कार्यक्रम में शामिल हुए और एक स्वर में जमीन अधिग्रहण का विरोध किया.

जनसुनवाई में पहुंचे सात मौजों के किसान

जनसुनवाई में प्रखंड के धुरिया, अराजी, धुरिया माल, बेरांय, पनसाय, जोरारी सहित सात मौजा के किसान पहुंचे. जहां सुनवाई के लिए अनुग्रह नारायण सिंह समाज अध्ययन संस्थान, पटना के परियोजना निदेशक डॉ अवधेश कुमार, शोध पदाधिकारी रणधीर प्रताप सिंह, अमरेंद्र कुमार, अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अंचल अधिकारी उमेश शर्मा तथा राजस्व अधिकारी फैसल खान मुख्य रूप से उपस्थित थे. अधिकारियों के समक्ष किसानों ने कहा कि उनकी जीविका का मुख्य साधन खेती और पशुपालन है. प्रस्तावित अधिग्रहण की जमीन बहुफसलीय है और क्षेत्र में धान का कटोरा के नाम से प्रसिद्ध है. यहां साल में तीन प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं और पशुओं के लिए चारा भी तैयार की जाती है. जमीन अधिग्रहण होने से उनकी रोजी-रोटी छिन जाएगी और वे भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे.

विकास के नाम पर विनाश कार्य कर रही सरकार : किसान

किसान ध्रुव कुमार सिंह, मनोज सिंह, रामानंद यादव, सोहेल, पंकज सिंह, तजमुल, कैलाश सिंह, गोपाल सिंह, अजय सिंह, परशुराम सिंह, वार्ड पार्षद देवेंद्र कुमार, पंचायत समिति सदस्य उदय पासवान सहित अन्य किसानों ने कहा कि सरकार विकास के नाम पर किसानों के साथ विनाश का कार्य कर रही है. वहीं जिला पार्षद अनिल कुमार सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाना किसानों के साथ छलावा है. इससे यहां के किसान बेरोजगार हो जाएंगे. उन्होंने असरगंज में वर्षों से बंद पड़े चावल और चूड़ा कुटीर उद्योग को पुनर्जीवित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि इन उद्योगों के बंद होने से क्षेत्र के हजारों मजदूर तमिलनाडु, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब समेत अन्य राज्यों में पलायन कर गए हैं.

कहते हैं परियोजना निदेशक

परियोजना निदेशक डॉ अवधेश कुमार ने कहा कि सभी किसानों ने एक स्वर में औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन नहीं देने की बात रखी है. किसानों की समस्याओं को गंभीरता और सहानुभूति के साथ सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. ज्ञात हो कि असरगंज अंचल में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र विकास परियोजना के लिए कुल 830 भूखंडों की 466.4917 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है.

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