होमियोपैथ लिख रहे एलोपैथिक दवा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Sep 2016 6:22 AM

विज्ञापन

गड़बड़ी . कागज पर चल रहा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य विभाग लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है. शहर में संचालित पीएचसी में होमियोपैथ चिकित्सक एलोपैथ चिकित्सा पद्धति से रोगियों का इलाज कर रहे हैं और उनके पुरजे पर एलोपैथ की दवाएं भी लिख रहे. मुंगेर : राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के […]

विज्ञापन

गड़बड़ी . कागज पर चल रहा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

स्वास्थ्य विभाग लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है. शहर में संचालित पीएचसी में होमियोपैथ चिकित्सक एलोपैथ चिकित्सा पद्धति से रोगियों का इलाज कर रहे हैं और उनके पुरजे पर एलोपैथ की दवाएं भी लिख रहे.
मुंगेर : राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला स्वास्थ्य समिति ने मुंगेर शहर के पांच स्थानों पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला है. सरकारी नियमानुसार दोपहर 12 बजे से रात्रि 8 बजे तक चलने वाले शहरी पीएचसी में ओपीडी की सुविधा के साथ ही आवश्यक पैथलॉजिकल जांच, परिवार नियोजन, नियमित टीकाकरण, परामर्शी, रेफरल सेवा तथा मातृत्व एवं बाल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायी जानी है.
लेकिन मुंगेर शहर में संचालित शहरी पीएचसी में सिर्फ ओपीडी का संचालन हो रहा वह भी आयुष चिकित्सक के भरोसे. अर्थात होमियोपैथ व आयुर्वेद के चिकित्सक रोगियों का इलाज कर रहे. लेकिन आयुष विधि से नहीं बल्कि एलोपैथ के विधि से. हद तो यह है कि होमियोपैथ के चिकित्सक रोगियों को एलोपैथ की दवाएं लिख रहे हैं जो रोगियों के लिए घात साबित हो सकता है.
नहीं है पैथलॉजिकल जांच व अन्य सुविधाएं : पिछले दिनों राज्य स्वास्थ्य समिति ने बड़े-बड़े विज्ञापनों के माध्यम से शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मिलने वाली सुविधाओं को प्रदर्शित किया है.
जिसमें बताया गया है कि इस स्वास्थ्य केंद्र पर ओपीडी की सुविधा, मुफ्त दवा वितरण, आवश्यक पैथलॉजी जांच, नियमित टीकाकरण, परामर्शी एवं रेफरल सेवा, परिवार नियोजन, मातृत्व एवं बाल स्वास्थ्य सेवाएं तथा गैर संचारी रोगों की जांच की सुविधा रहनी है. लेकिन मुंगेर के किसी भी केंद्र पर ओपीडी के अतिरिक्त कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है. यहां तक कि इन केंद्रों में सरकार द्वारा निर्धारित करायी जाने वाली सभी प्रकार की दवा तक उपलब्ध नहीं है.
देर से पहुंचते हैं चिकित्सक व स्टाफ: शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन का समय 12 बजे मध्याह्न से 8 बजे अपराह्न निर्धारित किया गया है़ किंतु यहां के चिकित्सक व स्टाफों के लिए निर्धारित समय कोई मायने नहीं रखते़ शहर के पीपलपांती रोड स्थित लेडी स्टीफेंसन के भवन में चल रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शनिवार को आयुष चिकित्सक डॉ रामधनी चौधरी की ड्यूटी थी़ किंतु वे 12:30 बजे ड्यूटी पर पहुंचे़ उनके पहले डाटा ऑपरेटर राकेश रंजन 12:20 बजे, एएनएम पूनम कुमारी- प्रथम 12:15 बजे तथा एएनएम पूनम कुमारी- द्वितीय 11:55 बजे ड्यूटी पर पहुंचे़ ड्यूटी देर से पहुंचना यहां के चिकित्सकों व स्टाफों की आदत सी बन चुकी है तथा शाम 4 बजते ही ओपीडी में ताले भी लटक जाते हैं.
मरीजों को नहीं मिल रही पैथलॉजिकल जांच व अन्य सुविधाएं
शहर में संचालित शहरी पीएचसी
आंबेडकर भवन लाल दरवाजा
गुमटी नंबर 2 माधोपुर
नागलोक कम्युनिटी हॉल बेलन बाजार
अड़गड़ा कम्युनिटी हॉल अड़गरा
रेडक्रॉस भवन पीपल पांती रोड
नहीं है शौचालय
आठ घंटे तक चलने वाले इस पीएचसी पर न तो शौचालय की व्यवस्था है और न ही पेयजल की़ ओपीडी के दौरान यदि किसी मरीज, चिकित्सक व मेडिकल स्टाफों को शौच की जरूरत पड़ जाये तो उन्हें खासे परेशानियों का सामना करना पड़ता है़ लेडी स्टीफेंसन कैंपस में बने हुए पूराने जर्जर शौचालय का ही इस्तेमाल करना पड़ता है़ वहीं पेयजल के लिए स्वास्थ्य समिति द्वारा अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गयी है़
चिकित्सक के इंतजार में करबल्ला निवासी 80 वर्षीय वृद्ध दरोगी महतो ओपीडी के बंद पड़े गेट के समीप बैठे हुए थे़ वहीं इलाज कराने पहुंची बेलन बाजार निवासी रंजना देवी तथा सिया कुमारी ने बताया कि यहां पर चिकित्सकों का देर से पहुंचना आम बात है़ उन्होंने बताया कि 4 बजे के बाद यहां ताला बंद हो जाता है़ उन्हें चिकित्सक व अन्य स्टाफों द्वारा यही बताया जाता है कि 4 बजे तक ही ओपीडी का टाइम है़
वे होमियोपैथ के चिकित्सक हैं, किंतु जब उन्हें यहां पर ड्यूटी दी गयी है तो उन्हें अंग्रेजी दवा ही लिखनी पड़ती है़ यहां कुल 33 प्रकार की दवाएं है, जो उन्हें याद हो चुका है कि कौन सी दवा किस बीमारी में काम आयेगी़
डॉ रामधनी चौधरी, चिकित्सक
शहरी पीएचसी के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा ही चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की गयी है़ अब यदि होमियोपैथ के चिकित्सक को ही स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिनियुक्त कर दिया गया है तो मेरी क्या गलती है़ जब तक विभाग द्वारा कर्मियों की व्यवस्था नहीं दी जायेगी, तब तक पैथलॉजिकल नहीं की जा सकती.
डॉ श्रीनाथ, सिविल सर्जन
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन