24.1 C
Ranchi

BREAKING NEWS

Advertisement

बाल साहित्य के लिए नारायणजी को मिलेगा साहित्य अकादमी पुरस्कार

बाल साहित्य के लिए मैथिली के प्रसिद्ध कवि-कथाकार डॉ नारायणजी को साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया जाएगा. उन्हें यह पुरस्कार बाल कथा-संग्रह अनार के लिए दिया जाएगा.

मधुबनी . बाल साहित्य के लिए मैथिली के प्रसिद्ध कवि-कथाकार डॉ नारायणजी को साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया जाएगा. उन्हें यह पुरस्कार बाल कथा-संग्रह अनार के लिए दिया जाएगा. जिले के घोघरडीहा गांव निवासी डॉ. नारायणजी की पहली कविता-संग्रह वर्ष 1993 में हम घर घुरि रहल छी प्रकाशित हुई थी. इसके बाद उनकी चार कविता-संग्रह प्रकाशित हुई है. जो काफी चर्चित हुए. उन्होंने कथाएं भी खूब लिखी. इनकी दो कहानी-संग्रह प्रकाशित है. चित्र और सांझबाती. डॉ. नारायणजी ने समीक्षाएं और बाल कहानियां भी लिखी है. अनार बाल कथा संग्रह को बाल साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कहानी-संग्रह माना गया है. चेतना समिति द्वारा माहेश्वरी सिंह महेश पुरस्कार और कीर्तिनारायण मिश्र साहित्य सम्मान से सम्मानित डॉ. नारायणजी पेशे से किसान हैं और गांव में रहकर ही देसी-विदेशी साहित्य का अध्ययन करते हैं. साहित्य में हो रहे बदलाव को परखते हुए लेखन करते हैं. बच्चों के मनोभाव और उनके आदर्श को आधार बनाकर लिखी कहानी अनार सबसे पहले बालबंधु पत्रिका में प्रकाशित हुई थी. उनकी यह पुस्तक नवारम्भ प्रकाशन ने प्रकाशित किया है. पुरस्कार के लिए उनका चयन होने पर उदयचंद्र झा विनोद, अजित आजाद, चंडेश्वर खान, विभूति आनंद, आनंद मोहन झा, देवेन्द्र झा देबू भाइ, अखिलेश कुमार झा, शुभ कुमार वर्णवाल, वीरेन्द्र झा, लूटन झा महाविद्यालय के प्राचार्य रवींद्रनाथ झा ने हर्ष प्रकट करते हुए बधाई दी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Advertisement

अन्य खबरें

ऐप पर पढें