कुव्यवस्था . एएनएम ने मरीज को निजी नर्सिंग होम में जाने का बनाया दबाव

Updated:
विज्ञापन

चिकित्सक ने दी इस्तीफे की धमकी व्यवस्था से नाराज चिकित्सक डा. विमलेश प्रकाश बिफरे लक्ष्मी सागर भौआड़ा निवासी महिला को गायनिक वार्ड में डिलेवरी को लाया गया मधुबनी : सदर अस्पताल के गायनिक वार्ड में व्याप्त कुव्यवस्था सोमवार को सामने आया. स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सदर अस्पताल में […]

विज्ञापन

चिकित्सक ने दी इस्तीफे की धमकी

व्यवस्था से नाराज चिकित्सक डा. विमलेश प्रकाश बिफरे
लक्ष्मी सागर भौआड़ा निवासी महिला को गायनिक वार्ड में डिलेवरी को लाया गया
मधुबनी : सदर अस्पताल के गायनिक वार्ड में व्याप्त कुव्यवस्था सोमवार को सामने आया. स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सदर अस्पताल में आम लोगों की इलाज की बात तो दूर खुद इस अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक के परिजन का भी सही से इलाज नहीं होता है. इस प्रकार का एक मामला सोमवार को सामने आया. जिसके खिलाफ सदर अस्पताल के चिकित्सक डा.विमलेश कुमार बिफर उठे.
उन्होंनें सिविल सर्जन से मौखिक रूप से इस्तीफा तक की पेशकश कर दी. सदर अस्पताल के चिकित्सक डा. विमलेश के इस्तीफा देने की बात किसी ने सोशल मीडिया पर डाल दिया. देखते ही देखते बात फैल गई. सदर एसडीओ शाहिद परवेज व डीएसपी सदर कुमार इंद्र प्रकाश सदर अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच प्रारंभ किया.
क्या है मामला: सदर अस्पताल में सोमवार को सुबह लक्ष्मी सागर भौआड़ा की रानी कुमारी को उनके परिजनों ने गायनिक वार्ड में डिलेवरी कराने लाए.
सूत्रों के अनुसार गायनिक वार्ड में मौजूद एएनएम ने मरीज की स्थिति को गंभीर बताते हुए उसे निजी नर्सिंग होम में जाने का दवाब बनाने लगे. संयोग वश वह मरीज डा. विमलेश प्रकाश के गांव की थी. डा. प्रकाश ने स्वयं आकर गायनिक वार्ड में मरीज को देखकर उसकी हालत को ठीक बताते हुए ओपीडी में मरीज को देखने लगे. इसी बीच उन्हें ज्ञात हुआ कि मरीज को किसी निजी नर्सिंग होम में डिलेवरी के लिए भेज दिया गया. इस बात की जानकारी होते ही वह बिफर पड़ें एवं उन्होनें आवेश में आकर इस्तीफा तक देने की बात कह दिया.
सामने आयी गायनिक वार्ड की कुव्यवस्था
क्या कहते हैं डा. विमलेश
डा. विमलेश प्रकाश ने कहा कि सदर अस्पताल के गायनिक वार्ड की किसी भी आम मरीज का सिजेरियन सदर अस्पताल में नहीं होता है. अस्पताल के उपाधीक्षक के मर्जी पर सिजेरियन होता है. उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब चिकित्सक के परिचित अथवा संबंधी का इलाज नहीं हो सकता है.
क्या कहते हैं सीएस
सिविल सर्जन डा. नरेंद्र भूषण ने कहा कि सिजेरियन के लिए अस्पताल में पूरी सुविधा नहीं है. ओटी सहायक छुट्टी में है. एनेस्थेसिया के डाक्टर भी नहीं है. ऐसे में मरीज का सिजेरियन संभव नहीं है. डा. विमलेश प्रकाश के आक्रोश एवं इस्तीफा की बात कहा था. उन्होंनें इस्तीफा नहीं दिया है.
एसडीओ ने की जांच: सदर एसडीओ शाहिद परवेज व डीएसपी कुमार इंद्र प्रकाश ने डा. विमलेश प्रकाश से बात की व अस्पताल व्याप्त कुव्यवस्था के रिपोर्ट से संबंधित जानकारी को बयान बद्ध किया. एसडीओ मो. परवेज सिविल सर्जन डा. नरेंद्र भूषण, डीएस डा. अजय नारायण प्रसाद सहित अन्य चिकित्सकों एवं अस्पताल कर्मियों से बात की. वे अपनी जांच रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को देंगें.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन