मुंगेर की 180 साल पुरानी बड़ी दुर्गा मंदिर में उमड़ी श्रद्धा, आरती और अजान का संगम देता है सद्भाव का संदेश
बड़ी दुर्गा मंदिर
Aaj Ka Darshan: मुंगेर की इस ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु, यहां आरती और अजान की गूंज बनाती है अनोखा माहौल.
मुंगेर से रतन झा की रिपोर्ट.
Aaj Ka Darshan: आज के दर्शन में हम आपको लेकर चलते हैं मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर, जहां आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव की भी अनूठी मिसाल देखने को मिलती है. करीब 180 वर्ष पुराना यह मंदिर न सिर्फ श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी संस्कृति का जीवंत प्रतीक भी माना जाता है. मंदिर में मां दुर्गा के दर्शन के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाएं लेकर माता के चरणों में शीश नवाते हैं.
इतिहास में दर्ज है मंदिर की गौरवगाथा
वर्ष 1841 में दरभंगा महाराज राजा कामेश्वर सिंह द्वारा निर्मित बड़ी दुर्गा मंदिर आज भी अपनी ऐतिहासिक पहचान को संजोए हुए है. भव्य वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं, इसलिए दूर-दराज के लोग भी दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
जब एक साथ गूंजते हैं आरती और अजान के स्वर
बड़ी दुर्गा मंदिर की सबसे खास पहचान इसका सामाजिक संदेश है. मंदिर में होने वाली आरती के दौरान शंख और घंटियों की ध्वनि के साथ समीप स्थित मस्जिद से अजान की आवाज सुनाई देती है. यह दृश्य और वातावरण धार्मिक सहिष्णुता और भाईचारे की अनूठी तस्वीर पेश करता है.
मंगलवार की महाआरती बन गई है विशेष आकर्षण
हर मंगलवार को यहां आयोजित होने वाली संध्या महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. धार्मिक आयोजन में सभी समुदायों की सहभागिता देखने को मिलती है. यही वजह है कि यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता का भी केंद्र बन चुका है.
नवरात्र में बढ़ जाती है श्रद्धालुओं की संख्या
शारदीय नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भर जाता है. विशेष पूजा, महाआरती और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए हजारों लोग यहां पहुंचते हैं. मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए जाते हैं ताकि श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर सकें.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By प्रत्युष प्रशांत
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










