Jhanjharpur Double Murder Case: आम तोड़ने के विवाद में मां-बेटे की हत्या, तीन दोषियों को उम्रकैद
झंझारपुर कोर्ट
मधुबनी के झंझारपुर स्थित चर्चित दोहरे हत्याकांड मामले में अदालत ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. आम तोड़ने के विवाद में मां-बेटे की हत्या हुई थी. अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. पढ़ें पूरी खबर..
मधुबनी के झंझारपुर से संजय कर्ण की रिपोर्ट
Jhanjharpur Double Murder Case: मधुबनी जिले के झंझारपुर में चर्चित दोहरे हत्याकांड मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-तृतीय झंझारपुर अनिल कुमार राम की अदालत ने मां-बेटे की हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है.
अदालत ने सत्र वाद संख्या 405/2024 और भैरवस्थान थाना कांड संख्या 69/2024 में सुनवाई पूरी करने के बाद सुंदर यादव, रेमनी देवी और सरोज कुमार यादव को बीएनएस की धारा 103(1)/3(5) के तहत दोषी पाया. तीनों भैरवस्थान थाना क्षेत्र के झौआ गांव के निवासी हैं.
आम तोड़ने के विवाद में हुई थी हत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 3 जुलाई 2024 को भैरवस्थान थाने में दर्ज कराया गया था. मृतक विजय कुमार यादव की बहन निशा कुमारी ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि आम तोड़ने को लेकर विजय कुमार यादव और उनके चचेरे भाई सरोज कुमार यादव के बीच विवाद हुआ था.
प्राथमिकी के अनुसार, विवाद बढ़ने पर सरोज कुमार यादव, उसकी मां रेमनी देवी, पिता सुंदर यादव और अन्य लोगों ने कथित रूप से कुदाल व लाठी-डंडे से हमला कर दिया. इस घटना में विजय कुमार यादव की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि उनकी मां सोनी देवी उर्फ सोनिया देवी ने इलाज के दौरान झंझारपुर अस्पताल में दम तोड़ दिया था.
अर्थदंड नहीं देने पर अतिरिक्त जेल
अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि यदि दोषी अर्थदंड जमा नहीं करते हैं तो उन्हें तीन-तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा. साथ ही दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 के तहत जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का निर्देश भी दिया गया है.
पीड़िता ने फैसले को न्याय की जीत बताया
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक देवशंकर झा और अधिवक्ता मदन कुमार लाल ने पैरवी की. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार झा ने अपना पक्ष रखा.
सजा सुनाए जाने के बाद सूचक निशा कुमारी ने अदालत के फैसले को न्याय की जीत बताया. कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मधुबनी को बिहार विक्टिम कंपेनसेशन स्कीम 2014 के तहत पीड़िता को मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है.
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लेखक के बारे में
By Sarfaraz Ahmad
सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।
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