मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने मनाया गणगौर का त्योहार

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मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने मनाया गणगौर का त्योहार

मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने मनाया गणगौर का त्योहार

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मुरलीगंज. मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने दो दिवसीय गणगौर महोत्सव का आयोजन किया, जिसमें प्रथम दिन गणगौर माता की पूजा-अर्चना कर उनका सिंधारा उत्सव किया गया. कहा जाता है कि हिंदू धर्म में गणगौर व्रत को विशेष महत्व दिया जाता है. यह व्रत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है और इसे भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित किया गया है. इसे तृतीया तीज के नाम से भी जाना जाता है. गणगौर नाम गण (भगवान शिव) और गौर (माता पार्वती) के संयोजन से बना है. मौके पर मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने विभिन्न प्रकार के स्टॉल, विविध मनोरंजक प्रतियोगिता, नृत्य-संगीत का कार्यक्रम आयोजित किया. देर शाम तक यह कार्यक्रम चला. दूसरे दिन मारवाड़ी समाज की कुंवारी लड़कियां व विवाहित महिलाएं शिव-पार्वती की पूजा करती है. पूजा करते हुए दूब से पानी के छींटे देते हुए गोर गोर गोमती गीत गाती हैं. इस दिन पूजन के समय रेणुका की गौर बनाकर उस पर महावर, सिन्दूर और चूड़ी चढ़ाने का विशेष प्रावधान है. चंदन, अक्षत, धूपबत्ती, दीप, नैवेद्य से पूजन करके भोग लगाया जाता है. 18 दिनों तक चलने वाला है यह त्योहार गणगौर होलिका दहन के दूसरे दिन चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से चैत्र शुक्ल तृतीया तक 18 दिनों तक चलने वाला त्योहार है. यह माना जाता है कि माता गवरजा होली के दूसरे दिन अपने पीहर आती हैं व 18 दिनों के बाद ईसर (भगवान शिव) उन्हें फिर लेने के लिए आते हैं. चैत्र शुक्ल तृतीया को उनकी विदाई होती है. गणगौर पूजा में गाये जाने वाले लोकगीत इस अनूठे पर्व की आत्मा है. महिलाओं ने बताया कि राजस्थान के कई प्रदेशों में गणगौर पूजन एक आवश्यक वैवाहिक रीत के रूप में भी प्रचलित है. मुरलीगंज में गणगौर त्योहार धूमधाम से मनाया गया. माता की विदाई बलुआहा नदी में की गयी.

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कुमार आशीष

लेखक के बारे में

By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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