मधेपुरा में गर्मी ने बिगाड़े हालात, अस्पतालों में बढ़े मरीज,लू और उमस से लोग बेहाल

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 13 Jun 2026 1:18 PM

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गर्मी के कारण अस्पतालों भी बढ़ी लोगों की भीड़

Madhepura News: सुबह 9 बजे के बाद घर से निकलना मुश्किल, दोपहर होते-होते सड़कें सुनसान. तेज धूप, उमस और लू ने मधेपुरा के लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है. अस्पतालों में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है, जबकि कोचिंग और स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए हर दिन किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है.

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प्रतिनिधि, मधेपुरा.

Madhepura News: मधेपुरा समेत आसपास के शहरी क्षेत्रों में इन दिनों भीषण गर्मी और तेज धूप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. सुबह से ही सूरज की तपिश लोगों को परेशान करने लगती है और दोपहर तक हालात इतने खराब हो जाते हैं कि बाजार और सड़कें लगभग खाली दिखाई देती हैं. लगातार 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहे तापमान और गर्म हवाओं ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है.

अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

गर्मी का सबसे ज्यादा असर लोगों की सेहत पर दिखाई दे रहा है. सदर अस्पताल और निजी क्लीनिकों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. डॉक्टरों के अनुसार डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, चक्कर आना, बुखार और हीट स्ट्रोक के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है.

अस्पताल सूत्रों के अनुसार जहां पहले प्रतिदिन 150 से 200 मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या 300 के पार पहुंच चुकी है. ओपीडी में लंबी कतारें लग रही हैं और कई मरीजों को तत्काल भर्ती करने की नौबत आ रही है.

कोचिंग जाने वाली छात्राओं की बढ़ी परेशानी

भीषण गर्मी का असर पढ़ाई पर भी पड़ने लगा है. शहर में बड़ी संख्या में छात्राएं कोचिंग संस्थानों में पढ़ने जाती हैं, लेकिन दोपहर की तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण उनका सफर मुश्किल हो गया है. कई छात्राओं ने बताया कि रास्ते में तेज धूप के कारण पैदल चलना कठिन हो जाता है. ऑटो और रिक्शा भी आसानी से नहीं मिलते और मिलने पर अधिक किराया देना पड़ता है.

अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है. कई परिवार बच्चों को दोपहर में कोचिंग भेजने से बच रहे हैं और संस्थानों से समय बदलने की मांग कर रहे हैं.

राहत का इंतजार, बारिश पर टिकी निगाहें

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जलवायु के कारण हर साल गर्मी का असर और अधिक महसूस किया जा रहा है. फिलहाल शहरवासी बारिश का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि बारिश से गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन जलजमाव की समस्या नई मुश्किलें भी खड़ी कर सकती है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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