राज्य के 88 प्रतिशत उपभोक्ताओं का बिजली बिल आ रहा जीरो: सीएम

Updated at : 10 Mar 2026 6:37 PM (IST)
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राज्य के 88 प्रतिशत उपभोक्ताओं का बिजली बिल आ रहा जीरो: सीएम

पुराने चीनी मिलों को खोलने की भी तैयारी चल रही है. हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज तथा इंटर स्तरीय स्कूल खोले जा रहे हैं.

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-सीएम ने कहा, पीएम के सहयोग से राज्य लगातार बढ़ रहा आगे- -उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में ही चलती रहेगी बिहार में एनडीए की सरकार- -जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा, राज्यसभा सदस्य बनने के बाद भी बिहार में अधिक समय देंगे नीतीश- -प्रभारी मंत्री लेशी सिंह ने कहा, जीवन बदलने के लिए आधी आबादी रहेगी नीतीश की ऋणी- मधेपुरा न्याय यात्रा से शुरू होकर समृद्धि यात्रा तक पहुंचा यह सफर बिहार के विकास की गाथा है. देश के विकसित राज्यों की कतार में बिहार खड़ा हो गया है. केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हर संभव सहायता दी जा रही है. एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य तय कर काम किया जा रहा है. लोगों के घरों पर मुफ्त सोलर लगाया जा रहा है, ताकि बिजली उत्पादन हो सके. अभी भी 88 फीसदी उपभोक्ताओं का बिजली बिल जीरो आता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को समृद्धि यात्रा के दौरान जनसंवाद में यह बातें कही. उन्होंने बताया कि 24 नवंबर 2005 को एनडीए सरकार के गठन के बाद बदहाल और बेहाल बिहार में प्रेम, भाईचारा एवं शांति का माहौल पैदा हुआ. सरकार ने कब्रिस्तान की घेराबंदी करायी. 60 वर्ष से पुराने मंदिर का चहारदीवारी बनवाया. नए स्कूल बनवाये. शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया. स्वास्थ्य सेवा में सुधार लाया. आंकड़े दिखाते उन्होंने कहा कि उनकी सरकार से पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में औसतन 39 मरीज प्रतिमाह आते थे. जो अभी बढ़कर 11600 हो गया है. कृषि रोड मैप बनाकर खेती किसानी को बेहतर बनाया गया है. मखाना, मछली, डेयरी कार्यों के प्रति किसानों को जागरूक किया गया है. उद्योग-धंधे का जाल बिछाने के लिए हर जिले में जमीन चिह्नित की जा चुकी है. पुराने चीनी मिलों को खोलने की भी तैयारी चल रही है. हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज तथा इंटर स्तरीय स्कूल खोले जा रहे हैं. – मिल रहा है केंद्र का पूरा सहयोग, करिए पीएम को नमन- मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा बिहार के विकास में मदद की जा रही है. सारा काम तेजी से हो रहा है. उन्होंने मंचासीन लोगों एवं जनता से प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताते हुए नमन करने को कहा. मुख्यमंत्री ने कहा बिहार में पांच एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है. इको टूरिज्म बढ़ाने की दिशा में कार्य हो रहा है. ग्रामीण सड़क विभाग के सभी सड़क को टू-लेन बनाने की योजना है. -नीतीश ने ही पिछड़ा, अतिपिछड़ा एवं महिलाओं को दिया आरक्षण- बिहार के गृहमंत्री सह उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा जिस आरक्षण की नींव बीपी मंडल ने रखी थी, उस मंडल आयोग की सिफारिश को लागू करने वाली केंद्र सरकार का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्री के तौर पर हिस्सा रहे थे. 2006 में ही बिहार में नीतीश कुमार ने पिछड़ा, अतिपिछड़ा एवं महिलाओं को आरक्षण देकर संपूर्ण देश में नजीर पेश किया. यह नीतीश कुमार के विकास के प्रति सोच है कि जिस बिहार का बजट कभी महज 6000 करोड़ हुआ करता था, अब बढ़कर साढे तीन लाख करोड़ हो गया है. बिहार की एनडीए सरकार हमेशा नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में काम करेगी. उन्होंने कहा कि देश में राम मंदिर बनने के बाद बिहार में भी सीएम नीतीश कुमार द्वारा सीता मैया का भव्य मंदिर बनवा रहे हैं. -नीतीश के नेतृत्व में ही जीतता रहा एनडीए- जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बीते विधानसभा चुनाव में सीएम नीतीश के नेतृत्व में ही एनडीए ने प्रचंड जीत हासिल की. अब मुख्यमंत्री ने राज्यसभा जाने का फैसला ले लिया है. अपने निश्चय के प्रति अडिग रहने वाले नीतीश कुमार से सबों ने यह वादा लिया है कि वह भले ही राज्यसभा चले जाएं, लेकिन बिहार में अधिक से अधिक समय रहकर अपने देखरेख में विकास को अमलीजामा पहनाते करेंगे. – 300 करोड़ से अधिक की राशि की योजना का हुआ शिलान्यास एवं उद्घाटन- जिले की प्रभारी मंत्री लेसी सिंह ने कहा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिले में 300 करोड़ से अधिक की राशि का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया है. उन्होंने कहा कि महिलाओं को मुख्य धारा में लाने के लिए राज्य की आधी आबादी उनकी ऋणी रहेगी. इनके नेतृत्व में बिहार का ऐतिहासिक विकास हुआ है. विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने कोसी एवं अन्य धाराओं से जगह-जगह टापू बने इस इलाके में पुलों का जाल बिछाने गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुंचने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया. ………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………….. मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के मेहनत की खूब की प्रशंसा, कहा, मेहनती और कर्तव्यनिष्ठ हैं यहां के शिक्षक फोटो-मधेपुरा – शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल प्रतिनिधि, मधेपुरा मुख्यमंत्री समृद्धि यात्रा के दौरान मधेपुरा के पुलिस लाइन परिसर में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल का भी निरीक्षण किया और जिले में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की. निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग द्वारा संचालित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग, इंस्पायर अवार्ड, पीटीएम, हरित क्रांति समेत अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि मधेपुरा जिला शिक्षा के क्षेत्र में काफी लगन और समर्पण के साथ कार्य कर रहा है. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी मधेपुरा के शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के शिक्षक काफी मेहनती और कर्तव्यनिष्ठ हैं. उन्होंने कहा कि छात्र जीवन के कई साथी आज शिक्षक के रूप में कार्य करते दिख रहे हैं, जो उनके लिए खुशी की बात है. संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने शिक्षा विभाग के प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे छात्रों में रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है. वहीं विधान पार्षद ललन कुमार सर्राफ ने कहा कि मधेपुरा के शिक्षक लगातार शोध और नवाचार के कार्यों में लगे रहते हैं, जिससे जिले की शैक्षणिक पहचान मजबूत हो रही है. -शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे हैं शिक्षक- जिले की प्रभारी मंत्री लेसी सिंह ने मुख्यमंत्री को बच्चों द्वारा तैयार किए गए प्रोजेक्ट की जानकारी देते बताया कि जिले के शिक्षक दिन-रात मेहनत कर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में लगे हुए हैं. उन्होंने कहा कि मधेपुरा के 13 प्रखंडों में शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे हैं और इंस्पायर अवार्ड सहित कई कार्यक्रमों में अच्छा प्रदर्शन किया है. कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपने-अपने प्रोजेक्ट और आइडिया मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए, जिसकी सभी ने सराहना की. इस अवसर पर प्रेमलता कुमारी, संजय कुमार, शैलेश कुमार चौरसिया, मंजर आलम, संजय कुमार, अमृता कुमारी, वंदना कुमारी, चंद्रभूषण चौधरी, पूजा प्रिया, इंग्लिश कुमार, दिनेश कुमार भगत, सुशील कुमार मंडल, जिला समन्वयक प्रीति चौधरी, अनामिका कुमारी सहित कई शिक्षक उपस्थित थे. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा अभियान) अभिषेक कुमार एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार के नेतृत्व में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग टीम द्वारा किए जा रहे प्रयास से जिला शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के कार्यों की प्रशंसा किए जाने से शिक्षकों में काफी उत्साह था. शिक्षकों ने कहा कि मुख्यमंत्री की सराहना से उनका दायित्व और बढ़ गया है. वे आगे भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे. …………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………….सीएम के रूप में अंतिम दौरे को लेकर होती रही चर्चा प्रतिनिधि, मधेपुरा समृद्धि यात्रा के तहत मधेपुरा पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस दौरे को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं चल रही है. स्थानीय स्तर पर यह माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के तौर पर यह उनका अंतिम दौरा हो सकता है. दरअसल हाल के दिनों में उनके राज्यसभा जाने को लेकर चल रही चर्चाओं ने इस दौरे को और भी ज्यादा महत्वपूर्ण बना दिया है. राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि यदि मुख्यमंत्री राज्यसभा की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हैं तो राज्य की राजनीति में एक नया समीकरण दिख सकता है. इसी कारण समृद्धि यात्रा के तहत उनका यह मधेपुरा विशेष रूप से चर्चा में रहा. कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लंबे समय से बिहार की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले मुख्यमंत्री के इस संभावित निर्णय का असर राज्य की राजनीति पर दूरगामी हो सकता है. -नीतीश को कोसी क्षेत्र से है विशेष लगाव- हालांकि मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे हैं. मधेपुरा समेत पूरे कोसी क्षेत्र में भी इस बात को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है कि समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का यह दौरा उनके मुख्यमंत्री पद के कार्यकाल के अंतिम दौरों में से एक हो सकता है. स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच भी इस दौरे को लेकर काफी उत्सुकता देखी गई. कई लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने अपने लंबे राजनीतिक कार्यकाल में कोसी क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं और इस कारण यहां की जनता से उनका एक विशेष जुड़ाव भी रहा है. ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………. तीन दिनों तक मधेपुरा में ही प्रवास करेंगे नीतीश प्रतिनिधि, मधेपुरा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मधेपुरा में अपने करीबी मित्र विधान पार्षद ललन सर्राफ के आवास पर तीन दिनों तक प्रवास करेंगे. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री समृद्धि यात्रा के दौरान मधेपुरा को अपना अस्थायी पड़ाव बनाए हुए हैं और यहीं से आसपास के जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे. मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री अपने इस प्रवास के दौरान कोसी और सीमांचल क्षेत्र के विभिन्न जिलों में आयोजित समृद्धि यात्रा के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए मधेपुरा से ही प्रस्थान करेंगे और कार्यक्रमों के बाद पुनः यहीं वापस लौटेंगे. इस कारण मधेपुरा प्रशासन भी लगातार सक्रिय बना हुआ है और उनके ठहरने के दौरान सभी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं. -सुरक्षा के हैं कड़े प्रबंध – मुख्यमंत्री के प्रवास को लेकर उनके ठहरने वाले स्थान के आसपास भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन की ओर से पूरे इलाके में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और आने-जाने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आसपास के मार्गों पर भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है. इसके अलावा प्रशासन की ओर से ट्रैफिक व्यवस्था को भी व्यवस्थित रखने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं. मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. स्थानीय प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री के प्रवास को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सुरक्षा से लेकर आवागमन तक सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है. ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………. मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर मधेपुरा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन से लेकर मेटल डिटेक्टर तक रहा सख्त इंतजाम प्रतिनिधि, मधेपुरा समृद्धि यात्रा के तहत बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मधेपुरा आगमन को लेकर जिले में सुरक्षा के व्यापक और कड़े इंतजाम किए गए थे. मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग कई दिनों से तैयारियों में जुटा हुआ था. कार्यक्रम स्थल से लेकर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों तक सुरक्षा का कड़ा घेरा बनाया गया था और हर गतिविधि पर पुलिस प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई थी. मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर से आगमन को देखते हुए पुलिस लाइन मैदान में बनाए गए हेलीपैड के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. हेलीपैड के चारों ओर सुरक्षा का बहुस्तरीय घेरा बनाया गया था और केवल अधिकृत अधिकारियों एवं सुरक्षा कर्मियों को ही वहां प्रवेश की अनुमति दी गई थी. हेलीकॉप्टर लैंडिंग से लेकर मुख्यमंत्री के काफिले के कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने तक हर स्तर पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी. -मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही हुआ प्रवेश- मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल बीएनएमयू के नॉर्थ कैंपस में सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई थी. यहां जनसभा और कार्यक्रम के लिए एक भव्य पंडाल का निर्माण किया गया था, जिसमें लोगों के प्रवेश के लिए कुल पांच गेट बनाए गए थे. सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा जांच की कड़ी व्यवस्था की गई थी. प्रत्येक गेट पर पुलिसकर्मी तैनात थे और वहां आने वाले लोगों की मेटल डिटेक्टर के माध्यम से जांच की जा रही थी. जांच के बाद ही लोगों को पंडाल के अंदर प्रवेश दिया जा रहा था. सीएम के कार्यक्रम को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया था, ताकि शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न न हो. प्रशासन की ओर से बड़े वाहनों के शहर में प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी. भारी वाहनों को शहर के बाहर ही रोक दिया गया था, जिससे मुख्य मार्गों पर यातायात सुचारू रूप से चलता रहे. -चप्पे-चप्पे पर तैनात थी पुलिस- कार्यक्रम में शामिल होने वाले वाहनों के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी. कार्यक्रम में आने वाले अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आमलोगों के वाहनों को ही कार्यक्रम स्थल तक जाने की अनुमति दी गई थी. इसके लिए पार्किंग की भी विशेष व्यवस्था की गई थी और यातायात पुलिस को मार्गों पर तैनात किया गया था, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो. मुख्यमंत्री के काफिले के आवागमन को लेकर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. काफिले के निर्धारित मार्गों पर पहले से ही पुलिस बल को तैनात कर दिया गया था और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी. यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस जवानों को प्रमुख चौक-चौराहों पर तैनात किया गया था. -डीआईजी व एसपी कर रहे थे सुरक्षा की मॉनिटरिंग- पूरे सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कोसी क्षेत्र के डीआईजी डॉ कुमार आशीष के नेतृत्व में की जा रही थी. वहीं पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे. इसके अलावा एसडीएम, डीएसपी सहित कई वरीय अधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण करते रहे. कार्यक्रम स्थल के अलावा शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी. सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों को लगाया गया था, जो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे. जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की कड़ी निगरानी, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुख्यमंत्री का मधेपुरा दौरा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो गया. अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के सभी आवश्यक मानकों का पूरी तरह पालन किया गया, जिससे कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक पूरा हुआ.

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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