कब बनेगी रामपट्टी की सड़क...राम ही जाने

कब बनेगी रामपट्टी की सड़क…राम ही जाने फोटो – मधेपुरा 02 केप्शन – दशकों से ईंट सोलिंग सड़क से गुजरते रहे हैं रामपट्टी के लोग फोटो – 03 से 11 कैप्शन – 03 – अनिल सिंह, 04 – धर्मेंद्र सिंह, 05 – पंकज कुमार, 06 – सुरेश चंद्र यादव, 07 – दीप नारायण सिंह, 08 […]
कब बनेगी रामपट्टी की सड़क…राम ही जाने फोटो – मधेपुरा 02 केप्शन – दशकों से ईंट सोलिंग सड़क से गुजरते रहे हैं रामपट्टी के लोग फोटो – 03 से 11 कैप्शन – 03 – अनिल सिंह, 04 – धर्मेंद्र सिंह, 05 – पंकज कुमार, 06 – सुरेश चंद्र यादव, 07 – दीप नारायण सिंह, 08 – कैलाश प्रसाद सिंह, 09 – उत्तम लाल यादव, 10 – विजेंद्र प्रसाद सिंह, 11 – सुखाय ऋषिदेव – सिंहेश्वर पंचायत . रामपट्टी गांववासी जनप्रतिनिधियों से लगाते रहे हैं गुहार -जर्जर सड़क से लोगों को होती है भारी परेशानीप्रतिनिधि, सिंहेश्वर सिंहश्वर प्रखंड मुख्यालय दो पंचायतों को मिला कर संपूर्ण होता है. सिंहेश्वर और गौरीपुर पंचायत. गौरीपुर पंचायत में करीब आधा बाजार, मंदिर, प्रखंड कार्यालय, पीएचसी, थाना, गौरीपुर गांव और कुम्हर टोली आदि स्थित हैं. वहीं सिंहेश्वर पंचायत में सिंहेश्वर बाजार का आधे अधिक हिस्सा सहित रमानी टोला, दुर्गा चौक, मल्लिक टोला और वार्ड संख्या – 8 रामपट्टी गांव शामिल है. सिंहेश्वर पंचायत की वर्तमान मुखिया भी रामपट्टी गांव की ही हैं. इससे पूर्व मुखिया रहे किशोरी सिंह भी रामपट्टी के ही निवासी हैं. लेकिन विडंबना ही कही जायेगी कि रामपट्टी की सड़क अब तक ईंट सोलिंग ही है.–चुनाव में किया गया समतल– सिंहेश्वर मंदिर की जमीन की सीमा पर बने पावर ग्रिड कार्यालय के बाद रामपट्टी गांव शुरू हो जाता है. एक ओर हर तरफ पीसीसी की ढलाई सड़क और पक्की सड़क बनायी जा रही है वहीं दूसरी ओर रामपट्टी के लोग कई दशकों से पहले कच्ची और विगत एक दशक से ईंट सोलिंग सड़क पर चलते आ रहे रहे हैं. सड़क की स्थिति इतनी जर्जर हो गयी थी कि जब विगत विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्र का निरीक्षण करने डीएम मो सोहैल यहां पहुंचे तो उन्होंने फौरन इस सड़क को समतल बनाने के लिए मुखिया को निर्देश दिया ताकि मतदान के दिन किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बल यहां आसानी से पहंुच सके. यहां के लोग सड़क के लिए कई बार जनप्रतिनिधि से मिल चुके हैं लेकिन स्थिति जस की तस है. — कहते हैं रामपट्टी के लोग — रामपट्टी के कैलाश प्रसाद सिंह केंद्रीय लेखा विभाग से सेवा निवृत्त हो कर गांव में ही रहते हैं. वह कहते हैं कि शहर के बजाय उन्होंने गांव में ही रहना श्रेयस्कर समझा था. लेकिन यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव खटकता है. सड़क के लिए जनप्रतिनिधियों का दरवाजा खटखटाया. विगत दिनों सड़क को समतल बनाने के लिए इस पर ईंट की राबिश डाली गयी. लेकिन इससे और बुरा हाल हो गया. राबिश बारीक धूल में तब्दील हो गया और सड़क पर घुटनों धूल जम गया. गाडि़यों के आते-जाते रहने से यह धूल बगल के खेतों में गिर गया. समृद्ध किसान विजेंद्र प्रसाद सिंह कहते हैं कि चुनाव के समय नेता आते हैं सड़क का वादा करते हैं लेकिन वादे और दावे हवा-हवाई साबित हो जाते हैं. सांसद से विधायक तक का वही हाल है. रामपट्टी निवासी एवं कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष कामेश्वर सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधि वोट ले कर चले गये. रोड की बात वहीं की वहीं रह गयी. सिंहेश्वर विधायक रमेश ऋषिदेव भी आये और सुपौल की सांसद भी. जीतने के बाद पीछे मुड़ कर किसी ने नहीं देखा. बीच बस्ती में सात सौ फीट की पीसीसी सड़क बना दी गयी है. कहते हैं पूर्व सांसद विश्व मोहन मंडल के मद से किसी खास के घर के सामने बनायी गयी सड़क का क्या औचित्य है. वार्ड संख्या आठ के पार्षद प्रतिनिधि अनिल सिंह कहते हैं कि आम सभा की बैठक में कई बार इस सड़क की योजना भेजी गयी लेकिन कुछ नहीं हुआ. रामपट्टी की सड़क बनना निहायत ही जरूरी है. किसान धर्मेंद्र कुमार सिंह कहते हैं कि किसी साजिश के तहत रामपट्टी के लोगों को सड़क से वंचित रखा जा रहा है. अन्यथा क्या कारण है कि जब चारो ओर सड़क बनायी जा रही है तो रामपट्टी के लोग दशकों पुराने युग में जी रहे हैं. युवा किसान पंकज कुमार सिंह कहते हैं कि रामपट्टी के लोग कई बार जनप्रतिनिधियों से सड़क के बारे में अपनी बात कह चुके हैं. अगर गांव में सड़क बन जाती तो गांव के खेतों में होने वाली उपज सीधे ट्रकों पर लोड किया जा सकता था. इससे किसानों को ज्यादा फायदा होता. शिक्षक सुरेश चंद्र यादव कहते हैं कि रामपट्टी गांव शिक्षा के मामले में किसी से पीछे नहीं है लेकिन सड़क, पेय जल आदि की सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी होती है. सेवा निवृत्त शिक्षक दीप नारायण सिंह रामपट्टी के शिक्षकों ने इस क्षेत्र में शिक्षा का प्रसाद किया है. इसमें से कई अधिकारी भी बने हैं. हैरत है कि बाबा सिंहेश्वर की जमींदारी से सटे इस गांव को देखने वाला कोई नहीं है. मजदूर सुखाय ऋषिदेव और किसान उत्तम लाल यादव कहते हैं कि अगर सड़क गांव में बन जाती तो रोजगार के अन्य कई साधन विकसित हो सकते थे. हमें तो सड़क की ही प्रतीक्षा है. — जाम मुक्ति का हो सकता है विकल्प — करीब पांच हजार की आबादी वाले गांव रामपट्टी में मिली जुली जातियों के लोग रहते हैं. इस गांव के किसान उद्यमशील हैं. केले की खेती के लिए यहां के लोग जाने जाते हैं. इस गांव से गुजरने वाली सड़क दक्षिण दिशा में सिंहेश्वर बाजार से जुड़ती है तो उत्तर दिशा में बुढावे के पास सीधे एनएच 106 से जुड़ती है. अगर इस सड़क को योजनाबद्ध तरीके से बनायी जाये तो यह सिंहेश्वर बाजार से गुजरने वाली सड़क एनएच 106 पर रोज लगने वाले जाम की समस्या के समाधान का एक विकल्प हो सकता है. — वर्जन — ‘ इस सड़क का प्रस्ताव ग्रामीण सड़क योजना के तहत दिया गया है. आगे की प्रक्रिया जारी है. सड़क निर्माण में देर तो हुई है लेकिन उम्मीद है अगले वर्ष इस सड़क का निर्माण शुरू हो जायेगा’ – रमेश ऋषिदेव, विधायक, सिंहेश्वर विधानसभा
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