पंचायत सरकार सबसे सशक्त सरकार : डीएम

Published at :20 Dec 2015 7:12 PM (IST)
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पंचायत सरकार सबसे सशक्त सरकार : डीएम

मधेपुरा : पंचायत सरकार से बड़ा कोई सरकार नहीं होता है. पंचायत सरकार से हरेक जनता सीधा संपर्क स्थापित करती है और पंचायत सरकार ही जनता के हर एक दुख दर्द को बांटती है. इसलिए पंचायत सरकार ही सबसे सशक्त सरकार है. जिला मुख्यालय स्थित कला भवन में रविवार को आयोजित कार्यशाला में जिले भर […]

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मधेपुरा : पंचायत सरकार से बड़ा कोई सरकार नहीं होता है. पंचायत सरकार से हरेक जनता सीधा संपर्क स्थापित करती है और पंचायत सरकार ही जनता के हर एक दुख दर्द को बांटती है. इसलिए पंचायत सरकार ही सबसे सशक्त सरकार है. जिला मुख्यालय स्थित कला भवन में रविवार को आयोजित कार्यशाला में जिले भर के मुखिया को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी मो सोहैल ने कही.

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने कहा सभी मुखिया अपने अधिकार का उपयोग करें और साथ ही जनता के प्रति कर्तव्यों का भी पालन करें. पंचायत सरकार में कभी मुखिया पति का बोल बाला रहता था, लेकिन अब मुखिया पति का दिन लद गया है. डीएम ने कहा कि पंचायत में एक एक पैसा का उपयोग होना चाहिए.

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं होने से कई क्षेत्र आज भी पिछड़ा हुआ है. पंचायतों में राशि का शत प्रतिशत प्रयोग नहीं करना जनता के साथ अपराध करना है. उन्होंने कहा कि पंचायतों में राशि की उपयोगिता पचास प्रतिशत से भी कम है. विकास मद में मधेपुरा की राशि बरबाद न हो इसके लिए पंचायतों में शत प्रतिशत राशि खर्च करनी होगी.

इस वर्ष 14 वीं पंचम वित्तीय में तीस-तीस लाख की राशि पंचायतों को मिलनी है. ाीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है. इससे पहले एक दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन डीएम मो सोहेल, डीडीसी मिथिलेश कुमार एवं मुखिया संघ के जिला अध्यक्ष रवि शंकर यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.

कार्यशाला में पंचायती राज विभाग के द्वारा संचालित सभी योजनाओं के अलावा मनरेगा के अंतर्गत आइपीपीसी टू 16-17 के संदर्भ में पंचायतों की रिपोर्ट जारी की गयी. कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन उप विकास आयुक्त मिथलेश कुमार ने किया. इस अवसर पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी अब्दुल क्यूम अंसारी ने कहा कि आगे चुनाव होना,

इसकी तैयारी शुरू हो गयी है. कल आप पद पर रहे या न रहे, लेकिन वर्तमान मुखिया को योजना का अभिलेख पूरी तरह तैयार करा लेना है. उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में जिनके घर में शौचालय नहीं रहेगा वे चुनाव में खड़ा नहीं हो सकते है. कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी बदरी नारायण मंडल ने कहा कि विद्यालय संचालन में कोताही बरतने वाले शिक्षकों को बख्शा नहीं जायेगा.

वहीं जिला परिषद के सहायक अभियंता बलदेव यादव ने कहा कि मुखिया को रॉयलटी व वैट के अलावा लेवर शेष की राशि जमा करानी होगी. जीविका के डीपीएम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में गरीब रेखा से नीचे व समाज के वंचित लोगों को रोजगार देने के लिए जीविका कार्य कर रही है. इसके लिए महिलाओं का साढ़े तेरह हजार समूह बनाया गया है.

जिसमें एक लाख अस्सी हजार परिवार जुड़ गये है. जिले में बेहतर कार्य करने वाले सदर प्रखंड के बराही पंचायत के मुखिया रवि शंकर यादव एवं सिंहेश्वर प्रखंड के भवानीपुर मुखिया प्रमोद कुमार मिश्र ने अपने कार्य अनुभव से लोगों को अवगत कराया. इस दौरान डीएम ने जिले के सफल दस मुखिया को मेमेंटो व शाल भेंट कर सम्मानित किया.

अधिकार का प्रयोग करें मुखिया डीएम ने कहा कि चार महीने बीतने को है, लेकिन आज तक किसी मुखिया ने विद्यालय, अस्पताल या अन्य किसी सरकारी कार्य में लापरवाही बरतने की शिकायत नहीं की. उन्होंने ्रकहा कि मुखिया अपने पंचायत के अधीर सड़क निर्माण हो या किसी प्रकार की सरकारी योजना की गुणवत्ता को लेकर शिकायत कर सकते है.

इसके अलावा मुखिया विद्यालय, अस्पताल का निरीक्षण कर वहां पायी गयी खामियों को अपने लेटर पेड पर लिख कर दे सकते है. शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन त्वरित कार्रवाई करेगी. इस दौरान डीएम ने मुखिया के अधिकार का जम कर एहसास कराया. जन वितरण प्रणाली की दुकान पर छापेमारी करने की बात डीएम ने कही.

पंचायत में नहीं चलेगी दलाली मुखिया संघ के शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने कहा कि पंचायत में दलाली प्रथा नहीं चलेगी. उन्होंने पीएचडी के कार्यपालक अभियंता को फटकार लगाते हुए कहा कि हर पंचायत में शौचालय निर्माण के लिए दलालों ने दो हजार रेट फिक्स कर दिया गया है.

उन्होंने कहा कि शौचालय निर्माण हो या बिजली का कार्य एक पैसा किसी को नहीं देना है. अगर कोई पैसा की मांग करता है तो इसकी शिकायत तुरंत करें और प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की जायेगी. विकास कार्य में फिसड्डी पंचायतों की होगी सूची जारी कार्यशाला के दौरान डीएम ने अप्रैल तक पंचायतों को खुले शौच से मुक्त बनाने का आहृवान किया.

वहीं उन्होंने कहा कि विकास कार्य में पीछे रह रहे पंचायतों की तैयार सूची जारी की गयी. उन्होंने कहा कि अगर पंचायत के मुखिया राशि का व्यय नहीं करेंगे, तो जनता चुनाव में उसे कैसे वोट देगी. जिले में एक हजार आंगनबाड़ी केंद्र भाड़े में चलने पर डीएम ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भूमि देने वाले भूमि दाता के नाम पर आंगनबाड़ी केंद्र रहेगा.

उन्होंने कहा कि नवंबर 2016 से सभी गांव में बिजली लगना है. बेहतर कार्य करने वाले दस मुखिया को डीएम ने किया सम्मानित जिला पदाधिकारी मो सोहेल ने जिले में बेहतर कार्य करने वाले दस मुखिया को मेमेंटो व शाल देकर सम्मानित किया. जिसमें सिंहेश्वर प्रखंड के भवानीपुर पंचायत के मुखिया प्रमोद कुमार मिश्र, सदर प्रखंड के मुखिया रवि शंकर यादव को सम्मानित किया गया.

इसके अलावा मुरलीगंज प्रखंड के तमोट परसा पंचायत,पुरैनी प्रखंड के सपरदह, गम्हरिया प्रखंड के बभनी पंचायत, चौसा प्रखंड के घोषई, मुलरीगंज प्रखंड के रधुनाथपुर,बिहारी गंज प्रखंड के कुस्थन पंचायत, आलमनगर प्रखंड के विषपट्टी एवं उदाकिशुनगंज के पीपरा करौती पंचायत के मुखिया को डीएम ने मेमेंटो व शाल देकर सम्मानित किया.

इन्हें मिली कार्य में सुधार लाने की हिदायत कार्यशाला के दौरान विकास कार्य में सबसे पीछे रहने वाले जिले के दस पंचायतों की सूची जारी की गयी. मौके पर इन्हें कार्य में सुधार लाने की हिदायत भी दी गयी. विकास कार्य में गम्हरिया प्रखंड के चिकनी पंचायत, आलमनगर के इटहरी पंचायत,

सदर प्रखंड के सुखासन व साहुगढ़ वन, महेशुवा, सिंहेश्वर प्रखंड का दुलार पिपराही एवं सुखासन पंचायत, शंकरपुर प्रखंड का परसा एवं घैलाढ़ प्रखंड का एक पंचायत विकास कार्य में फिसड्डी साबित हुआ है. इसके अलावा ओवर ऑल में 37 प्रतिशत उपयोगिता के साथ घैलाढ़ प्रखंड काफी पीछे है.

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