घटतौली को ले गोदाम में जन वितरण प्रणाली के डीलरों ने किया उग्र प्रदर्शन

By Prabhat Khabar Digital Desk
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मधेपुरा : जनवितरण प्रणाली के डीलर लगातार गोदाम से कम अनाज मिलने की वजह से आंदोलित हो रहे हैं. डीलरों का कहना है कि गोदाम पर विचौलिया दबंग अंदाज में पेश आते हैं. प्रतिबोरा पांच से दस किलो अनाज कम रहता है. माप कर देने की बात कहने पर उल्टे धमकी दी जाती है.

अधिकारी को भी कई बार शिकायत की गयी है लेकिन कार्रवाई सिफर है. ऐसे में कम अनाज लेकर किस तरह कार्डधारी को पूरा अनाज उपलब्ध करवाया जाय यह बतायें. इस मामले को लेकर बुधवार को सदर प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित एसएफसी गोदाम में जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं ने प्रदर्शन किया.
इस मौके पर डीलरों ने गोदाम के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि सदर प्रखंड अंतर्गत सभी डीलर को विगत कई माह से चावल एवं गेहूं वजन कर नहीं दिया जाता है. जिसकी शिकायत उन्होंने जब प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को किया तो अधिकारी ने उन्हें कोई आश्वासन नहीं दिया. साथ ही अधिकारी ने कहा कि इस मामले में हम क्या करें. बुधवार को भी जब डीलर गोदाम पर प्रदर्शन करने पहुंचे तो गोदाम पर एजीएम, डीएसडी सहित कोई भी पदाधिकारी मौजूद नहीं थे.
डीलरों ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि गोदाम पर बिचौलियों के द्वारा कम अनाज दिया जाता है. जिसका विरोध जब डीलरों के द्वारा किया जाता है तो वहां मौजूद बिचौलिया सदानंद यादव उनसे अभद्र शब्दों से बातें करते हैं. साथ ही उनके द्वारा धमकी दी जाती है कि तुम्हें जहां जाना है जाओ. गोदाम पर कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं रहते हैं. बिचौलियों के हाथों से गोदाम से अनाज बेचा जाता है.
बाहर में धर्मकांटा पर वजन के बाद प्रति बोरा 5 से 10 किलो अनाज रहता कम
इस मौके पर डीलर संघ के नगर परिषद अध्यक्ष असीत कुमार घोष ने कहा कि गोदाम में बैठे बिचौलियों एवं अधिकारियों का मनमाना रवैया है. यहां के लोगों का मनमानी चरम पर है. हमें कोई भी अनाज का बोरा नाप कर नहीं दिया जाता है. जब हम अनाज को बाहर धर्म कांटा पर निपाते हैं तो सभी बोरा में पांच से 10 किलो अनाज कम रहता है. जिसके कारण हमें भी लोगों को कम अनाज देना पड़ता है और लोगों के प्रदर्शन का सामना करना पड़ता है.
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर हमने पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिया है, लेकिन हमें यह कह कह कर टाल दिया जाता है कि अनाज नाप कर देने का नियम नहीं है. हमें 50 एवं 51 किलो का पैकेट कह कर दिया जाता है, लेकिन जब हम बाहर कहीं नापते हैं तो उसमें पांच से 10 किलो अनाज कम रहता है.
बोरे पर लिखा है 50 किलो, कह कर देते हैं 51 किलो, मापने पर होता है 40 से 42 किलो
डीलरों ने अधिकारियों पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि मधेपुरा में डीलर का काम करना अपराध हो गया है. बिजोलिया के द्वारा अनाज कम किया जाता है और जब इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की जाती है तो उनके द्वारा मिलाकर चलने की बात कही जाती है. उन्होंने कहा कि जब सरकार के द्वारा पैकेट पर 50 किलो वजन करके भेजा जाता है तो फिर हम लोगों को 51 किलो कह कर क्यों दिया जाता है.
इस मौके पर डीलर संघ के सदर प्रखंड अध्यक्ष अशोक कुमार, मणि कुमार, मो कलीम, मनोज ऋषिदेव, सच्चिदानंद यादव, नौशाद आलम, आशुतोष कुमार, अशोक कुमार भगत, अनंत मेहता, बेचन महतो, रंजन कुमार, अनिल कुमार, सुरेंद्र पासवान, कार्तिक कुमार यादव, रंजू कुमारी, आशा देवी, चंद्रकला देवी, विनोद कुमार, विपिन कुमार, कुणाल कुमार, पूजा कुमारी, कुमारी सुचिता, गुंजन कुमार, विनय कुमार, देव कृष्ण यादव सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
जनवितरण प्रणाली के अंतर्गत आपूर्ति होने वाले अनाज को वजन करके ही डीलरों को देना है. अगर नियम का अनुपालन नहीं हो रहा है तो प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. घटतौली को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. सभी जविप्र के डीलर माप कर अनाज लें एवं कार्डधारी को माप कर अनाज की आपूर्ति करें. इसमें किसी किस्म की कोताही करने पर कार्रवाई होगी.
गोपाल कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, मधेपुरा.
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