प्लेटफॉर्म पर टपकता है पानी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :25 Jul 2019 7:26 AM (IST)
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मधेपुरा : लोकोमोटिव इलेक्ट्रिक रेल इंजन फेक्ट्री ने मधेपुरा को यकीनन देश के रेल नक्शे पर पहचान दिलायी हो, लेकिन दौरम मधेपुरा रेलवे स्टेशन को अभी भी अपनी पहचान की तलाश है. यहां बात यात्री सुविधा से संबंधित पहचान की हो रही है. हाल के वर्षों में मधेपुरा में लोगों की भीड़ बढ़ी है. इसका […]
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मधेपुरा : लोकोमोटिव इलेक्ट्रिक रेल इंजन फेक्ट्री ने मधेपुरा को यकीनन देश के रेल नक्शे पर पहचान दिलायी हो, लेकिन दौरम मधेपुरा रेलवे स्टेशन को अभी भी अपनी पहचान की तलाश है. यहां बात यात्री सुविधा से संबंधित पहचान की हो रही है. हाल के वर्षों में मधेपुरा में लोगों की भीड़ बढ़ी है.
इसका मुख्य कारण मधेपुरा में रेल इंजन फेक्ट्री की स्थापना है. इसके बावजूद स्टेशन पर यात्री सुविधाओं में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई. दिनों -दिन सुविधा में कमी ही हो रही है.
लोगों को मामूली सुविधा भी मयस्सर नहीं हो पा रही है. गत कई वर्षों से रेल विभाग दौरम मधेपुरा स्टेशन के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है. स्थानीय जनता हर वर्ष आम बजट में यात्री सुविधा बढ़ाये जाने की उम्मीद केंद्र सरकार से करती है, लेकिन लोगों को मायूसी ही हाथ लगती है. रेल विकास के मामले में जनप्रतिनिधियों की उदासीनता भी कई सवाल खड़े कर रही है.
दौरम मधेपुरा स्टेशन के प्लेटफॉर्म के ऊपर गत कुछ वर्ष पहले ही शेड चढ़ाया गया था, लेकिन विभाग द्वारा किये गये दोयम दर्जे के कार्य से उस शेड में कई जगह गेप रह गया. इस कारण शेड से वर्षा का पानी टपकता है. रेल यात्री प्लेटफॉर्म पर जमे पानी में खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करने को मजबूर है.
नहीं मिली लंबी दूरी की ट्रेन: कयास लगाया जा रहा था कि वर्तमान आम बजट में मधेपुरवासियों को लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेन मिलेगी, लेकिन एक बार फिर से केंद्र सरकार ने लोगों की उम्मीदों पर पलीता लगा दिया.
कंक्रीट सिलिपर प्लांट बन गया सुनसान परिसर: वर्ष 2006 में शहर के सुखासन रेल ढाला के समीप रेल पटरी के बगल में एक बड़े परिसर में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने कंक्रीट सिलिपर प्लांट की आधारशिला रखी थी.
उद्घाटन के एक दशक बाद भी उक्त प्लांट की शुरूआत नहीं हो सकी. रेल विभाग की उदासीनता व अकर्मण्यता के कारण रेल की महत्वाकांक्षी योजना धरातल पर नहीं उतर पायी. प्लांट में स्थापित लाखों के कलपुर्जे और मशीन में जंग लग चुके हैं, जबकि परिसर में जंगल उग आये है.
जमालपुर की तर्ज पर मधेपुरा का हो विकास
स्थानीय लोगों ने जमालपुर(मुंगेर) की तर्ज पर मधेपुरा का विकास करने की मांग रेल मंत्रालय से किया है. मालूम हो कि 70 के दशक में जमालपुर में डीजल रेल इंजन कारखाना की स्थापना हुई थी. इस कारण जमालपुर का विकास दुर्तगति से हुआ. जमालपुर स्टेशन को रेल विभाग ने ए ग्रेड की श्रेणी में रखा है. वहां रेल अस्पताल, रेलवे स्कूल, रेल वर्कशॉप समेत कई सुविधा बहाल है, जबकि मधेपुरा इन सब से महरूम बना हुआ है.
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