शहर के सबसे अधिक रकबा वाली संसार पोखर का सौंदर्यीकरण अब अटका

शहर में कुल 52 पोखर है, एक भी पोखर ऐसा नहीं है कि जो अतिक्रमण का शिकार है लेकिन संसार पोखर का काफी रखवा अतिक्रमण का शिकार हो चुका है,
नगर परिषद के मद से दो करोड़ 63 लाख में किया जाना है संसार पोखर का सौंदर्यीकरण
स्थानीय लोगों ने सोमवार को उप मुख्यमंत्री से की थी पहले अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद सौंदर्यकरण कराने की अपील
1908 ई-नक्शा अनुसार 30 बीघा में फैला है संसार पोखर
उप मुख्यमंत्री ने डीएम को आवेदन देकर कार्रवाई की कही बात
लखीसराय. शहर के सबसे अधिक रकवा वाली संसार पोखर का सौंदर्यीकरण का कार्य पोखर के अतिक्रमण के कारण अधर में लटका हुआ है. शहर में कुल 52 पोखर है, एक भी पोखर ऐसा नहीं है कि जो अतिक्रमण का शिकार है लेकिन संसार पोखर का काफी रखवा अतिक्रमण का शिकार हो चुका है, जिसे हटाने के लिए पुलिस प्रशासन को कड़ा स्टेप उठाना पड़ेगा, तभी संसार पोखर का अतिक्रमण हट सकता है. पचना रोड के संसार पोखर किऊल मौजा के खसरा नंबर 2812 के पौने दस एकड़ से अधिक कुल तीस बीघा का यह पोखर है, जिसे स्थानीय लोगों एवं बाहर से पहुंचे लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है. पोखर का यह हाल है कि वर्तमान में मात्र कुछ बीघा में ही इसका अस्तित्व नहीं रहा है. हैरत की बात तो यह है कि संसार पोखर के कई बीघा जमीन की रजिस्ट्री भी कराया गया है, जिसका लगान एवं लगान रसीद भी है. यहां तक पोखर के जमीन का रजिस्टर-टू पर जमाबंदी भी कायम दिखाया गया है. भू-माफिया पूरी तैयारी कर जमीन को लोगों के पास केबाला किया है, जिसे अवर निबंधन पदाधिकारी भी नहीं परख सके, लेकिन अवर निबंधन पदाधिकारी को सिर्फ अपने राजस्व से मतलब होता है, इसलिए वे केवला दर केवाला भी कर दिया है. हालांकि जिला प्रशासन अगर चाह ले तो पोखर का सभी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करा सकता है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण किऊल खगौर में सेंट्रल स्कूल, थाना भवन, मध्य एवं हाई स्कूल की जमीन है. उक्त जमीन भी किसी के नाम से रजिस्टर-टू पर जमाबंदी कायम था, यहां तक कि उक्त जमीन का लगान रसीद भी कट रहा था, जिसकी जांच पड़ताल की गयी तो वह सरकारी जमीन निकला, जिसके बाद जमाबंदी रद्द कर केंद्रीय विद्यालय संगठन के नाम से जिला प्रशासन द्वारा रजिस्ट्री की गयी, जिसके बाद विद्यालय भवन निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाया गया. इसी तरह संसार पोखर का भी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जा सकता है.
दो करोड़ 63 लाख की राशि से संसार पोखर का होना है सौंदर्यीकरण
हाल के दिनों में नगर परिषद द्वारा संसार पोखर का सौंदर्यीकरण के लिए दो करोड़ 63 लाख की लागत से करने के लिए टेंडर किया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जब तक संसार पोखर को अतिक्रमुक्त नहीं कराया गया. सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं होगा. संवेदक ने भी कहा कि मुझे अतिक्रमण मुक्त कर पोखर दिया जाता है तो पूरे पोखर का सौंदर्यीकरण करने के लिए तैयार है. लोगों ने पोखर का अतिक्रमित जमीन को मुक्त कराने के लिए बात उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा तक पहुंचा दी. सोमवार को नगर भवन में आयोजित राजस्व जन संवाद कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री को एक आवेदन दिया, जिसमें 1908 के नक्शा अंदर सभी विवरण को लिखा है. आवेदन के साथ ही नक्शा को भी सलंग्न कर दिया गया. उप मुख्यमंत्री ने आवेदन को डीएम मिथिलेश मिश्र को कार्रवाई के लिए दे दिया गया है. पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए डीएम ने सीओ को जांच पड़ताल के लिए सौंपा है. फिलहाल पोखर का सौंदर्यीकरण का कार्य अटक चुका है.
बोले अंचलाधिकारी
सदर अंचल के सीओ अजय कुमार राठौर ने बताया कि प्राप्त आवेदन के आलोक में कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि वर्तमान तीन सौ आवेदन उनके पास है, आवेदन के प्राथमिकता के अनुसार निष्पादन किया जा रहा है .संसार पोखर के अतिक्रमण का अतिक्रमणवाद चलाकर सभी को नोटिस भेजा जायेगा, जिसके आलोक में अतिक्रमण को खाली कराया जायेगा.
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By Rajeev Murarai Sinha Sinha
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