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उच्चतर विद्यालय भवन बना विवादों का केंद्र, निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप

Updated at : 12 Nov 2025 5:49 PM (IST)
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उच्चतर विद्यालय भवन बना विवादों का केंद्र, निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप

उच्चतर विद्यालय भवन बना विवादों का केंद्र, निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप

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ठेकेदार की लापरवाही से ग्रामीणों में बढ़ी नाराजगी, गुणवत्ता जांच की मांग तेज

लखीसराय. सदर प्रखंड के गढ़ी बिशनपुर स्थित उच्चतर विद्यालय भवन का निर्माण कार्य सवालों के घेरे में आ गया है. निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग और ठेकेदार की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह से निर्माण कार्य किया जा रहा है, उससे भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

विद्यालय भवन निर्माण का कार्य पिछले एक वर्ष से चल रहा है, लेकिन अब तक ठेकेदार को एक भी दिन निर्माण स्थल पर नहीं देखा गया है. हैरानी की बात यह है कि निर्माण स्थल पर किसी भी प्रकार का सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे निर्माण की लागत, अवधि और अन्य तकनीकी विवरणों की जानकारी लोगों को नहीं मिल रही है.

ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय भवन के लिए गांव के ही एक परिवार ने अपनी जमीन दान में दी थी, ताकि बच्चों को गांव में ही उच्चतर माध्यमिक शिक्षा प्राप्त हो सके. लेकिन निर्माण की घटिया गुणवत्ता के कारण यह आशंका जताई जा रही है कि भवन के शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद यह कभी भी ध्वस्त हो सकता है, जिससे छात्रों की जान पर खतरा मंडरा सकता है.

लो क्वालिटी सीमेंट, मिट्टी-मिश्रित बालू और कमजोर ईंटों का उपयोगस्थानीय लोगों का आरोप है कि भवन निर्माण में अत्यंत निम्न गुणवत्ता की सामग्रियों का उपयोग किया जा रहा है. ईंटों को हाथ से रगड़ने पर भूसे की तरह टूटकर गिर जाती हैं. सीमेंट की मात्रा कम रखी गई है जबकि बालू की मात्रा अधिक है. बालू में नदी किनारे की मिट्टी मिली हुई है, जिससे भवन की मजबूती और भी कम हो गई है.

वहीं, टाइल्स भी बेहद सस्ती और निम्न गुणवत्ता की लगाई जा रही हैं, जो ग्रामीणों के अनुसार एक वर्ष भी नहीं टिक पाएंगी. विद्यालय भवन के अंदर वर्तमान में प्लास्टर और टाइल्स लगाने का कार्य चल रहा है. प्लास्टर या ईंट की जुड़ाई को कुरेदने पर वह तुरंत नीचे गिर जाती है, जिससे निर्माण की मजबूती पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

अधिकारियों की लापरवाही, अब तक नहीं हुई जांच

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि अब तक शिक्षा विभाग या भवन निर्माण विभाग का कोई भी अधिकारी निर्माण स्थल पर निरीक्षण करने नहीं पहुंचा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं की गई तो यह भवन बच्चों के लिए खतरा साबित हो सकता है.

उप मुखिया अरुण कुमार ने कहा कि “विद्यालय में गांव के ही बच्चे पढ़ने पहुंचेंगे, अगर बिल्डिंग कमजोर निर्माण के कारण गिरती है तो जान-माल की बड़ी क्षति हो सकती है. ग्रामीणों को एकजुट होकर निर्माण कार्य का विरोध करना चाहिए और अधिकारियों से जांच की मांग करनी चाहिए. यदि विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होती है, तो मामला उच्च स्तर तक ले जाया जाएगा. ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि गढ़ी बिशनपुर उच्चतर विद्यालय भवन निर्माण कार्य की तत्काल जांच करवाई जाए और दोषी ठेकेदार एवं अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनहोनी न हो सके.

बोले अधिकारी

जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम ने बताया कि निर्माण कार्य की जांच की जायेगी. जांचोपरांत भवन निर्माण में गड़बड़ी मिलने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Rajeev Murarai Sinha Sinha

लेखक के बारे में

By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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