गुप्त जी भारतीय आस्था के कवि हैं

Published at :12 Dec 2015 6:38 PM (IST)
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गुप्त जी भारतीय आस्था के कवि हैं

गुप्त जी भारतीय आस्था के कवि हैंमैथली शरण गुप्त की पुण्यतिथि मनीप्रतिनिधि, मेदनीचौकीस्थानीय प्लस टू हाइस्कूल अमरपुर में शनिवार को एचएम कृष्णदेव सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कवि मैथिली शरण गुप्त की 51 वीं पुण्यतिथि मनायी गयी. मौके पर श्री सिंह ने गुप्त जी को अतीत में झांककर वर्तमान को उद्घाटित करने वाला कवि कहा. […]

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गुप्त जी भारतीय आस्था के कवि हैंमैथली शरण गुप्त की पुण्यतिथि मनीप्रतिनिधि, मेदनीचौकीस्थानीय प्लस टू हाइस्कूल अमरपुर में शनिवार को एचएम कृष्णदेव सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कवि मैथिली शरण गुप्त की 51 वीं पुण्यतिथि मनायी गयी. मौके पर श्री सिंह ने गुप्त जी को अतीत में झांककर वर्तमान को उद्घाटित करने वाला कवि कहा. डा शशिभूषण कुमार सिंह ने कहा कि गुप्त जी भारतीय आस्था एवं विश्वास के कवि हैं. डा किरण विभाष्कर ने गुप्त जी को भारतीय संस्कृति का व्याख्याता कवि बताया. जबकि हिंदी प्राध्यापक धनंजय कुमार ने गुप्त जी को राष्ट्र वीणा का अवतार बताया. उन्होंने कहा कि गुप्त जी जयद्रथ वध, पंचवटी, भारत-भारती, रंग में भंग, साकेत, यशोधरा, द्वापर, प्रदक्षिणा जैसी कृतियां हिंदी साहित्य की धरोहर हैं. हमें उनपर नाज है. इस मौके पर उपस्थित लोगों ने गुप्त जी के तैल चित्र पर पुष्पांजली कर उन्हें श्रद्धांजली दी.

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