चंदनपुरा पंचायत में विकास की वाट जोह रहे लोग

Published at :07 Dec 2015 6:40 PM (IST)
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चंदनपुरा पंचायत में विकास की वाट जोह रहे लोग

लखीसराय : जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड में लखीसराय-सूर्यगढ़ा एनएच 80 पर स्थित प्रखंड मुख्यालय सूर्यगढ़ा व जिला मुख्यालय के बीच आठ किलोमीटर दूर चंदनपुरा पंचायत आज भी विकास की रोशनी से दूर है. पंचायत के अधिकतर गांव में बेरोजगारी के कारण लोगों का पलायन जारी है. मनरेगा योजना के तहत लोगों को रोजगार नहीं मिल […]

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लखीसराय : जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड में लखीसराय-सूर्यगढ़ा एनएच 80 पर स्थित प्रखंड मुख्यालय सूर्यगढ़ा व जिला मुख्यालय के बीच आठ किलोमीटर दूर चंदनपुरा पंचायत आज भी विकास की रोशनी से दूर है. पंचायत के अधिकतर गांव में बेरोजगारी के कारण लोगों का पलायन जारी है.

मनरेगा योजना के तहत लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा. पंचायत में पेयजल की समस्या के अलावे जलजमाव की भी समस्या है. बोरना गांव में एक भी पक्की सड़क नहीं है. बारिश के दिनों में लोग घुटने भर पानी में प्रवेश कर अपने घरों तक पहुंच पाते हैं. यहां नाला का निर्माण नहीं हुआ. पंचायत के लोगों के मुताबिक जो भी विकास हुआ मुखिया के गांव तक ही सीमित रहा. पंचायत के लोगों का मुख्य पेशा कृषि व मजदूरी है. खेती के लिए सिंचाई की कोई सुविधा नहीं है.

चंदनपुरा में एक राजकीय नलकूप है भी तो वह वर्षों से खराब पड़ा है. किसान निजी बोरिंग से ही सिंचाई कर खेती करते हैं. मानसून का साथ नहीं मिलने पर खेत परती रह जाता है. पंचायत की कई सड़क कच्ची है. नाला निर्माण भी सही तरीके से नहीं हो पाया है. सात गांव वाले इस पंचायत में विकास परक योजनाओं का क्रियान्वयन अगर सही तरीके से होता, तो साढ़े चार साल में पंचायत की तसवीर बदली-बदली सी होती.

पंचायत के लोगों का कहना है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में व्यापक पैमाने पर लूट-खसोट हुई है. कहते हैं पंचायतवासीविकास के मुद्दे पर पंचायत के लोगों में असंतोष स्पष्ट रूप से दिखता हैं. मानो गांव के मनोज कुमार का कहना है कि इन साढ़े चार साल में पंचायत में विकास का कार्य ठप हो गया. सरकारी राशि का व्यापक पैमाने पर बंदर बांट हुआ, अगर किसी योजना में काम हुआ तो, वह मुखिया जी के गांव तक ही सिमट कर रह गया.

विकास के इस दौर व पंचायती राज व्यवस्था में भी पंचायतवासी विकास से वंचित हैं. खासकर मानो व मानो इंगलिश गांव में विकास का कोई काम नहीं हो पाया है. इसी गांव के कमल किशोर सिंह के मुताबिक विकास के नाम पर सिर्फ लूट-खसोट हुई है. गांव में जरूरत के मुताबिक सड़क नहीं बना. साढ़े चार साल बाद भी गांव की तसवीर नहीं बदली. मानो के ही अरुण सिंह के मुताबिक राशन कार्ड नहीं मिला. मुखिया जी ने पंचायत के विकास में दिलचस्पी नहीं ली.

कई जरूरत मंद इंदिरा आवास योजना के लाभ से वंंचित रह गये. चंदनपुरा गांव के राजेन्द्र मोदी के मुताबिक चंदनपुरा गांव का कोई विकास नहीं हो पाया. कुछ जगहों पर सड़क तो बनी, लेकिन ज्यादातर काम मुखिया जी के गांव में ही हुआ. गांव में पेयजल की किल्लत है. चापाकल नहीं गाड़ा गया. इसकी वजह से लोग आधा किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं.

चंदनपुरा के ही मेघू साव के मुताबिक गांव के कई परिवार को राशन कार्ड नहीं मिल पाया. गरीब लोगों का नाम एपीएल व संभ्रांत लोगों का नाम बीपीएल सूची में दर्ज है, एेसे सक्षम लोग ही गरीबों के लिए चलायी जा रही योजना का लाभ ले रहे हैं. नाला कचरा से भरा है. नवावगंज गांव के सतीश कुमार के मुताबिक विकास नहीं हुआ. सड़क बनाया गया, तो वह भी टूटने लगा है.

इसी गांव के मसूदन दास के मुताबिक कुछ जगहों पर सड़क का निर्माण किया गया. गांव में नाला का निर्माण नहीं हो पाने की बजह से जल जमाव की समस्या बनी हुई हैं. लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं. नवावगंज के ही जोगी साव के मुताबिक पंचायत में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या हैं. मनरेगा के तहत भी रोजगार नहीं मिलता. रोजगार के अभाव में लोग बाहर पलायन को मजबूर हैं. जरूरत मंदों को राशन कार्ड भी नहीं मिला. पेंशन योजना का लाभ मिलता है.

बोरना गांव के कारु यादव के मुताबिक गांव में साढ़े चार साल में विकास का कोई काम नहीं हो पाया है. गांव की मुख्य सड़क कच्ची है. पुरानी ईट खरंजा सड़क भी टूट गयी है. वारिस के दिनों में घर से निकलना भी मुश्किल होता है. लोग जांघ तक पानी में प्रवेश कर घरों से निकल पाते हैं. बोरना के ही इंद्रदेव यादव के मुताबिक गरीब लोगों का नाम एपीएल में है. 80 वर्ष की उम्र में भी वे पेंशन योजना के लाभ से वंचित हैं. जन प्रतिनिधि गांव के लोगों की सुधि नहीं लेते.

समस्या की जानकारी देने के बावजूद सिर्फ आश्वासन ही मिलता है. विकास कार्य से पंचायत की बदली तसवीरपंचायत के मुखिया मोइन हुसैन के मुताबिक पंचायत में विकास के कई काम किये गये हैं. इससे नि:संदेह पंचायत की तसवीर बदली है. इन साढ़े चार वर्षों में लगभग दो सौ जरूरत मंद बीपीएल परिवार को इंदिरा आवास योजना का लाभ दिया गया.

सात सौ लोगों को पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है. पंचायत में 13 पीसीसी सड़क,15 सड़कों का ईट खरंजा सड़क का निर्माण, एक कूप की खुदाई कर उसका जीर्णोद्धार किया गया. चार यूनिट पौधारोपण, तीन ढक्कन सहित नाला का निर्माण व दो नाला की मरम्मत, 20 चापाकल गाड़ा गया. 15 बीपीएल परिवारों को मिट्टी भराई योजना का लाभ दिया गया. मुखिया के मुताबिक कुछ जगहों पर कार्य बाधित करने कि वजह से विकास कार्य नहीं हो पाया. इंदिरा आवास में बिचौलिया के प्रभाव को समाप्त कर सही लाभुक को योजना का लाभ दिया गया.

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