12900 में से 3500 चापाकल खराब

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Apr 2015 2:40 AM

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पेयजल संकट की आहट. गरमी बढ़ने के साथ ही जिले में गिरने लगा भू-जलस्तर लखीसराय : गरमी बढ़ने के साथ ही भू-जलस्तर में तेजी से गिरावट होने लगी है. पहाड़ी इलाके में चापाकल पानी देना बंद करने लगा है. कुएं के जलस्तर में काफी गिरावट देखी जा सकी है. आने वाले कुछ दिनों में जलसंकट […]

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पेयजल संकट की आहट. गरमी बढ़ने के साथ ही जिले में गिरने लगा भू-जलस्तर
लखीसराय : गरमी बढ़ने के साथ ही भू-जलस्तर में तेजी से गिरावट होने लगी है. पहाड़ी इलाके में चापाकल पानी देना बंद करने लगा है. कुएं के जलस्तर में काफी गिरावट देखी जा सकी है.
आने वाले कुछ दिनों में जलसंकट से परेशानी बढ़ेगी. जलसंकट से निबटने के लिए पीएचइडी विभाग ने जो तैयारी कर रखी है. उससे लोगों की प्यास बुझती नहीं दिख रही. वित्तीय वर्ष 2014-15 में विभाग के द्वारा कुल 876 नये चापाकल गाड़े जाने की निविदा निकाली गयी. लेकिन निस्तार की प्रक्रिया अब तब पूरी नहीं हो पायी. इसमें विधायक की अनुशंसा से प्रत्येक पंचायत में 5-5 चापाकल के अलावा खराब पड़े चापाकल की जगह 4-4 नये चापाकल गाड़ने का लक्ष्य है.
लखीसराय नगर परिसर के प्रत्येक वार्ड में विधायक कोटे से 2-2 चापाकल एवं बड़हिया नगर परिषद के प्रत्येक वार्ड में एक -एक चापाकल गाड़ने का लक्ष्य है.
राष्ट्रीय ग्राम पेयजल कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में 66 नये चापाकल गाड़ने की निविदा की गयी है. लेकिन निविदा का निस्तार नहीं होने की वजह से चापाकल गाड़ने का कार्य अब तक शुरू भी नहीं हो पाया. विभागीय आंकड़े पर गौर करें तो जिले में कुल 12932 चापाकल हैं. जिसमें 9387 चालू अवस्था में है. 2510 खराब पड़े चापाकल ठीक नहीं हो सकते हैं. जबकि 1035 चापाकल को साधारण मरम्मत की आवश्यकता है.
खराब पड़े चापाकल ठीक करने के लिए विभाग के पास नहीं है मिस्त्री
लखीसराय : नवसृजित लोक स्वास्थ्य प्रमंडल लखीसराय में मिस्त्री व खलासी का एक भी पद सृजित नहीं है.पहले यह क्षेत्र शेखपुरा प्रमंडल अंतर्गत आता था. फिलहाल विभाग के पास शेखपुरा प्रमंडल से जुड़े 13 मिस्त्री एवं खलासी हैं जिनके द्वारा सूर्यगढ़ा सहित अन्य जगहों पर खराब चापाकल की मरम्मत करायी जाती है. इसके अलावा विभाग खराब पड़े चापाकल को प्राइवेट मिस्त्री से ठीक कराता है. सहायक अभियंता अपने क्षेत्रों में खराब चापाकल की मरम्मती का काम प्राइवेट मिस्त्री कराते हैं, जिनकी मजदूरी का भुगतान विभाग करता है.
सहायक अभियंता पवन कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में कुल 1659 चापाकल की मरम्मती की गयी. वित्तीय वर्ष 2013-14 में विभिन्न मद के 1045 नया चापाकल गाड़ा गया. उन्होंने बताया कि जहां भी चापाकल खराब होने की सूचना मिलती है विभाग मिस्त्री भेज कर उसे ठीक कराता है.
स्टोर में समान की कमी
नवसृजित अवर प्रमंडल के स्टोर में पाइप आदि की कमी है. पाइप आदि की आवश्यकता होने पर चीफ इंजीनियर से आदेश प्राप्त कर पाइप सप्लाइ की जाती है.
कहते हैं कार्यपालक अभियंता
कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि जिले में खराब पड़े चापाकल के मरम्मत की जा रही है. नये चापाकल गाड़ने के लिए निविदा निस्तार की प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र संबंधित क्षेत्रों में चापाकल गाड़ने का कार्य पूरा किया जायेगा.
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