स्कूल बैग के बोझ से दबे जा रहे बच्चे, कोई नहीं देखनेवाला
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Apr 2015 12:31 PM
लखीसराय : स्कूल बैग का बढ़ता बोझ बच्चों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. भारी स्कूल बैग को लेकर हर शिक्षण सत्र के पहले सीबीएसइ और आइसीएसइ पैटर्न स्कूलों को निर्देश दिये जाते हैं. इसके तहत उन्हें जानकारी दी जाती है कि स्कूली बैग का वजन कितना हो लेकिन अधिकांश स्कूलों के द्वारा […]
लखीसराय : स्कूल बैग का बढ़ता बोझ बच्चों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. भारी स्कूल बैग को लेकर हर शिक्षण सत्र के पहले सीबीएसइ और आइसीएसइ पैटर्न स्कूलों को निर्देश दिये जाते हैं. इसके तहत उन्हें जानकारी दी जाती है कि स्कूली बैग का वजन कितना हो लेकिन अधिकांश स्कूलों के द्वारा इन नियमों की अनदेखी की जाती है. सूत्रों के अनुसार भारी बस्ता को लेकर सीबीएसइ की ओर से कई वर्ष पूर्व स्कूलों को कई निर्देश दिये गये थे, लेकिन इसका पालन आज तक नहीं हो पा रहा है. छोटी कक्षाओं में भी सात से आठ किताबें चलायी जाती है. इस पर उतने ही नोट बुक लंच बॉक्स या टिफिन, वाटर बोतल, इंस्ट्रूमेंट बॉक्स आदि से स्कूली बैग का वजन काफी बढ़ जाता है. ऊंची कक्षाओं में किताब, नोट बुक आदि की संख्या बढ़ने के साथ स्कूल बैग का वजन और अधिक बढ़ जाता है.
दूसरा निर्देश : इस निर्देश के तहत स्कूलों में कक्षा एक से 8वीं कक्षा तक कम से कम किताबें चलाने को कहा गया था. जिन किताबों की बेहद जरूरत हो, उन्हीं किताबों को वर्ग एक से 8 तक के छात्रों के कोर्स में शामिल किया जाना था.
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