कृषि फार्म मैदान में उमड़ा महिला शक्ति का सैलाब, सीएम ने जीविका दीदियों के जज्बे को सराहा

कृषि फार्म मैदान में उमड़ा महिला शक्ति का सैलाब
बिहार में 1 करोड़ 40 लाख से अधिक महिलाएं जीविका से जुड़कर बनीं आत्मनिर्भर
पंचायती राज व नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण से नेतृत्व की भूमिका में आयीं महिलाएं
ठाकुरगंज. ठाकुरगंज का कृषि फार्म मैदान बुधवार को महिला शक्ति के उत्साह, आत्मविश्वास व उम्मीदों से सराबोर नजर आया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में महिलाओं की ऐतिहासिक व सशक्त मौजूदगी ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया. कार्यक्रम शुरू होने से करीब दो घंटे पहले ही पंडाल की अधिकांश कुर्सियां महिलाओं से भर चुकी थी. आसपास के गांवों व पंचायतों से बड़ी संख्या में महिलाएं समूह बनाकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं. कई महिलाएं अपने स्वयं सहायता समूह की पहचान के साथ आयी थी. पंडाल में बैठी महिलाओं की उत्सुकता, चेहरे पर आत्मविश्वास व तालियों की गूंज में आत्मनिर्भर बिहार की झलक साफ दिखाई दे रही थी.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंच से कहा कि राज्य सरकार की नीतियों में महिला सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता में है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद से बिहार में महिलाओं के सामाजिक, शैक्षणिक व आर्थिक उत्थान के लिए लगातार ठोस कदम उठाए गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका स्कीम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया गया है. जीविका से जुड़कर महिलाएं स्वरोजगार, बचत व सामूहिक आर्थिक गतिविधियों के जरिए अपने परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से इस योजना का विस्तार शहरी क्षेत्रों में भी किया गया है, जिससे अधिक से अधिक महिलाएं इससे लाभान्वित हो सकें.मुख्यमंत्री के अनुसार वर्तमान समय में राज्य में 1 करोड़ 40 लाख से अधिक महिलाएं जीविका से जुड़ चुकी हैं, जबकि 11 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है. इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को बैंक से ऋण, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ शिक्षा व रोजगार में भी उनकी भागीदारी बढ़ायी गयी है. पंचायती राज संस्थाओं व नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय भी इसी सोच का परिणाम है, जिससे आज बड़ी संख्या में महिलाएं नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं.
जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं से सीधे संवाद भी किया व विभिन्न योजनाओं से मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली. कई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी आय में वृद्धि हुई है और वे आत्मनिर्भर बनी हैं. पूरे कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की भारी उपस्थिति और उनके उत्साह ने यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य की विकास योजनाओं में उनकी सक्रिय भागीदारी लगातार बढ़ रही है. ठाकुरगंज का कृषि फार्म मैदान महिला शक्ति की ऊर्जा व आत्मविश्वास से गूंजता रहा.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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