डुमरी घाट पर बनाया गया जुगाड़ पुल सवालों के घेरे में
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Jan 2015 12:03 AM
चौथम. क्षतिग्रस्त बीपी मंडल सेतु व स्टील पाइल ब्रिज के कारण आवागमन पर लगी ग्रहण से निजात पाने की दिशा में नाविक संघ द्वारा आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नाव से नाव को जोड़ कर बनाया गया अस्थायी जुगाड़ सेतु कई सवालों के घेरे में है. जुगाड़ सेतु के दोनों किनारे का एप्रोच पथ […]
चौथम. क्षतिग्रस्त बीपी मंडल सेतु व स्टील पाइल ब्रिज के कारण आवागमन पर लगी ग्रहण से निजात पाने की दिशा में नाविक संघ द्वारा आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नाव से नाव को जोड़ कर बनाया गया अस्थायी जुगाड़ सेतु कई सवालों के घेरे में है. जुगाड़ सेतु के दोनों किनारे का एप्रोच पथ खतरे से खाली नहीं है. एप्रोच पथ इतना खतरनाक है कि कभी भी गाड़ी पलट सकती है. सेतु की सुरक्षा के बाबत कोई प्रशासनिक तकनीकी स्वीकृति नहीं दी गयी है. वैधानिक तौर पर इसकी सुरक्षा की प्रशासनिक तकनीकी स्वीकृति को कोई प्रावधान नहीं है. सुरक्षा की बाबत जुगाड़ सेतु भगवान भरोसे चलाये जा रहे हैं. प्रश्न उठता है कि आये दिन सेतु पार के दौरान कोई हादसा होता है तो इसके जिम्मेदार कौन होंगे. दूसरी ओर जुगाड़ सेतु पर रात्रि में रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं की है. बहरहाल नदी का जलस्तर काफी नीचे रहने के कारण सेतु आवागमन के लिए कामयाब हो सकता है, लेकिन ज्यों ही नदी की जल स्तर में वृद्धि होगी तो सेतु आवागमन सेवा देने में सक्षम नहीं रह सकेगा. जहां तक सेतु पर हल्की वाहन पर उतराई के लिए भाड़ा का निर्धारण प्रशासन की ओर से नहीं किया गया है. वहीं जिलाधिकारी राजीव रोशन ने सेतु के प्रशासनिक स्वीकृति दिये जाने के सवाल पर पल्ला झाड़ते हुए कहा कि इसकी स्वीकृति जिला परिषद के क्षेत्राधिकार में पड़ता है.
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