ऋण वितरण में बैंक नहीं दिखा रहे रूचि
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Dec 2014 2:19 AM
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खगड़िया : वित्तीय वर्ष 14-15 में जिले के कई बैंक ऋण वितरण करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं. जिस कारण जिले में ऋण वितरण की स्थिति अच्छी नहीं है. अगर इन बैंकों ने जरूरतमंदों को ऋण मुहैया कराया होता तो निश्चित ही जिले का एसीपी(ऋण वितरण) पचास प्रतिशत या फिर इससे अधिक होता. बीते […]
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खगड़िया : वित्तीय वर्ष 14-15 में जिले के कई बैंक ऋण वितरण करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं. जिस कारण जिले में ऋण वितरण की स्थिति अच्छी नहीं है. अगर इन बैंकों ने जरूरतमंदों को ऋण मुहैया कराया होता तो निश्चित ही जिले का एसीपी(ऋण वितरण) पचास प्रतिशत या फिर इससे अधिक होता.
बीते दिनों जिला स्तर पर आयोजित बैंकर्स कमेटी की बैठक में यह बातें सामने आयी कि अप्रैल से 30 सितंबर यानी छह माह में लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 36.82 प्रतिशत ही ऋण का वितरण हो पाया है. कुछ बैंक को छोड़ अधिकांश बैंकों ने ऋण वितरण में रुचि नहीं दिखाई है. जिस कारण अपेक्षा से काफी कम ऋण वितरण हुआ है.
* बैंकों की स्थिति
जिले के सभी बैंकों को वित्तीय वर्ष आरंभ होने के साथ ही ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया था. जिसके विरुद्ध छह माह में इंडियन ओवरसीज बैंक ने मात्र 3.39 प्रतिशत, यूनाइटेड बैंक 7.50 प्रतिशत, केनरा बैंक 8.31, यूको तथा बैंक ऑफ बड़ौदा ने 18-18 प्रतिशत ही ऋण का वितरण किया है.
पंजाब नेशनल बैंक ने जहां 24 प्रतिशत ऋण की वितरण किया है. वहीं सेंट्रल बैंक की उपलब्धि 24 प्रतिशत ही रही है. जिला को ऑपरेटिव बैंक ने लक्ष्य के विरुद्ध सर्वाधिक 95 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 85 प्रतिशत तथा यूनियन बैंक ने 60 प्रतिशत ऋण का वितरण किया है. वहीं एसबीआइ के द्वारा 42 तथा इलाहाबाद बैंक के द्वारा 38 प्रतिशत ऋण का वितरण किया गया है.
* कई योजनाएं प्रभावित
गरीब किसान, फुटकर विक्रेता, छोटे व्यवसायी, बटाईदार किसान सहित ऐसे ही निम्न वर्गीय परिवार के लिए संचालित ज्वाइंट लाइवलिटी ग्रुप(जेएलजी) योजना की इस वर्ष खटिया खड़ी हो गयी है. गरीबों के लिए जेएलजी योजना बेहद ही महत्वपूर्ण योजना मानी जाती है. इस योजना के तहत आसान प्रक्रिया के द्वारा गरीब लोगों को बगैर किसी सिक्यूरिटी के बैंक ऋण मुहैया कराती है.
किंतु बैंकों की उदासीनता के कारण अब तक इस योजना के तहत लक्ष्य के अनुरूप गरीबों को ऋण नहीं मिल पाया है. वहीं एसएमजी, डेयरी, मुरगी पालन, मत्स्य पालन क्षेत्र में जरूरतमंदों को ऋण नहीं मिलने से इस योजना की प्रगति ज्यों की ज्यों बनी हुई है.
* कहते हैं अधिकारी
इधर एलडीएम सजल चटराज ने अपेक्षा से कम ऋण वितरण होने पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि डीएलसीसी की बैठक में कम ऋण वितरण में तेजी लाने तथा लक्ष्य के अनुरूप ऋण वितरण करने का निर्देश जिलाधिकारी के द्वारा दिया गया है.
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