गवाही देने पर एएनएम को मिल रही है धमकी

Updated at : 27 Apr 2018 6:28 AM (IST)
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गवाही देने पर एएनएम को मिल रही है धमकी

पीड़ित एएनएम के आवेदन पर महिला थाना में पीएचसी प्रभारी व हेल्थ एजुकेटर पर मामला दर्ज मामला पीएचसी में तैनात एएनएम के रेस्टरूम में जाकर अश्लील इशारा सहित आपत्तिजनक व्यवहार का पीएचसी प्रभारी की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाने वाली एएनएम को जुबान बंद रखने की मिली धमकी गलत निगाह रखते थे पीएचसी प्रभारी : […]

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पीड़ित एएनएम के आवेदन पर महिला थाना में पीएचसी प्रभारी व हेल्थ एजुकेटर पर मामला दर्ज

मामला पीएचसी में तैनात एएनएम के रेस्टरूम में जाकर अश्लील इशारा सहित आपत्तिजनक व्यवहार का
पीएचसी प्रभारी की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाने वाली एएनएम को जुबान बंद रखने की मिली धमकी
गलत निगाह रखते थे पीएचसी प्रभारी : गवाह
खगड़िया : अलौली पीएचसी के हालात दिन ब दिन बिगड़ते जा रहे हैं. करीब एक वर्ष से पीएचसी में चल रहे ड्रामे के कारण इलाज बुरी तरह प्रभावित है. बीते एक पखवाड़े में अलौली पीएचसी प्रभारी पर दो अलग अलग प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है. वहीं पीएचसी प्रभारी ने भी एक लिपिक पर प्राथमिकी दर्ज करवाया है. इन सारे घटनाक्रम के बीच अलौली पीएचसी में गुटबाजी जोरों पर है. प्रसव कक्ष के रेस्टरूम में जाकर सिस्टर से अभद्र व्यवहार, आपत्तिजनक बातें करने का मामला तूल पकड़ने के बाद महिला थाना में पीएचसी प्रभारी पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पीड़ित एएनएम पर केस वापस लेने का दबाव दिया जा रहा है.
बाहरी लोगों की मदद से गवाह को धमकाया जा रहा है. बताया जाता है कि महीनों से जारी पीएचसी प्रभारी की मनमानी की जानकारी सिविल सर्जन को लिखित रूप से देकर एएनएम ने इंसाफ की गुहार लगायी थी लेकिन जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. बाद में मामला तूल पकड़ने के बाद गठित दो सदस्यीय टीम ने क्या जांच किया और रिपोर्ट क्या सौंपा गया, इसकी जानकारी देने से भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कतरा रहे हैं.
पीएचसी प्रभारी के रहते नहीं हो पायेगा निष्पक्ष जांच
गुरुवार को एक और गवाह बनी एएनएम ने एसपी को आवेदन देकर पीएचसी प्रभारी व उनके गुर्गे पर धमकी देने का आरोप लगाया है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या डॉ. संजीव कुमार के अलौली पीएचसी प्रभारी के पद पर रहते महिला थाना कांड संख्या 23/18 की निष्पक्ष जांच हो पायेगी? क्या कोई कर्मी भयमुक्त होकर पूरे मामले में गवाही दे पायेंगे? करीब एक वर्ष पूर्व में लिपिक कृष्णा कुमार द्वारा दिये गये आवेदन की जांच कर कार्रवाई क्यों नहीं की गयी. कार्यस्थल पर महिला कर्मी के साथ इस तरह की वारदात रोकने के लिये स्वास्थ्य विभाग में कोई टीम है या नहीं? अगर बनी भी है तो पहले मानसी, भरतखंड और अब अलौली पीएचसी में महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ शारीरिक व मानसिक रुप से प्रताड़ित करने के मामले में क्या जांच रिपोर्ट आई.
बता दें कि अलौली पीएचसी प्रभारी डॉ. संजीव कुमार सहित स्वास्थ्य प्रशिक्षक राम सज्जन यादव पर प्रसव कक्ष के रेस्टरूम में आकर आपत्तिजनक बात करने, अश्लील इशारा करने आदि का आरोप लगाते हुए एक एएनएम ने महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाते हुए कार्रवाई की मांग की है. प्राथमिकी दर्ज करवाने के बाद अब पीड़ित एएनएम व चश्मदीह गवाह को दूर-दराज के इलाके में तबादला, निलंबन, नौकरी खाने की धमकी देकर जुबान बंद रखने की साजिश की जा रही है.
बता दें कि अलौली की एक एएनएम के आवेदन के आधार पर अलौली पीएचसी प्रभारी डॉ. संजीव कुमार व हेल्थ एजुकेटर राम सज्जन यादव पर महिला थाना में कांड संख्या 23/18 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी गयी है. इसी सिलसिले में इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने अलौली पीएचसी पहुंच कर मामले की तहकीकात की.
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