आर्य कन्या उच्च विद्यालय में फर्जी बहाली से लेकर वेतन भुगतान में फर्जीवाड़ा

Updated at : 25 Apr 2018 5:43 AM (IST)
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आर्य कन्या उच्च विद्यालय में फर्जी बहाली से लेकर वेतन भुगतान में फर्जीवाड़ा

खगड़िया : आर्य कन्या उच्च विद्यालय में फर्जी बहाली से लेकर वेतन भुगतान में फर्जीवाड़ा प्रकरण की जांच पूरी कर ली गयी है. डीएम की अनुशंसा पर राज्य स्तर से गठित तीन सदस्यीय टीम ने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट शिक्षा सचिव को सौंप दिया है. जांच रिपोर्ट में आवेदक के आरोप को सही मानते […]

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खगड़िया : आर्य कन्या उच्च विद्यालय में फर्जी बहाली से लेकर वेतन भुगतान में फर्जीवाड़ा प्रकरण की जांच पूरी कर ली गयी है. डीएम की अनुशंसा पर राज्य स्तर से गठित तीन सदस्यीय टीम ने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट शिक्षा सचिव को सौंप दिया है. जांच रिपोर्ट में आवेदक के आरोप को सही मानते हुए वर्तमान डीइओ सुरेश प्रसाद साहु, पूर्व डीइओ डॉ ब्रज किशोर सिंह, प्रभारी प्रधानाध्यापक, विद्यालय प्रबंध समिति के पूर्व सचिव की भूमिका पर सवाल उठाये गये हैं.

इसके बाद वर्तमान डीइओ सुरेश साहु पर एक बार फिर निलंबन की तलवार लटक गयी है. आर्य कन्या उच्च विद्यालय के 56 कर्मियों को फर्जी तरीके से लाखों के वेतन भुगतान मामले में वर्तमान डीइओ श्री साहु पर शिकंजा कसने की तैयारी है. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने खगड़िया के वर्तमान डीइओ के कारनामे से जुड़ी फाइल तलब की है. इसके बाद कार्रवाई की आशंका से हेराफेरी करने वाले अधिकारी व कर्मियों के होश उड़े हुए हैं.

इसके अलावा तत्कालीन डीपीओ स्थापना रहते सरकारी राशि के फर्जी भुगतान मामले में निलंबन की अनुशंसा के बाद भी डीइओ बनाये जाने पर सवाल उठाये जाने के बाद जांच के आदेश दिये गये हैं. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री महाजन ने भी माना कि निलंबन व प्रपत्र क गठन की अनुशंसा के बाद आरोपित अधिकारी को डीइओ बनाया जाना गलत है.

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्य कन्या उच्च विद्यालय खगड़िया में वित्तीय वर्ष 2011-12 व 2012-13 में मात्र नौ शिक्षकों का वेतन भुगतान किया गया. जबकि वर्ष 2013-14 व 2014-15 में 8 शिक्षकों को भुगतान हुआ. लेकिन एकाएक वित्तीय वर्ष 2015-16 में इस विद्यालय में 63 शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का वेतन भुगतान कर दिया गया. निश्चित तौर पर इसे चौंकाने वाला आंकड़ा मानते हुए जांच टीम ने कहा है कि इन 63 शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मियों का न तो स्वीकृत पद निदेशालय/विभाग से प्राप्त है और न ही नियुक्तियों को मान्यता निदेशालय द्वारा दी गयी. जांच रिपोर्ट में कहा गया है
कि शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मियों की बहाली भी प्रबंधकारिणी समिति द्वारा स्वीकृत पद से अधिक किया गया. जिसे निदेशालय द्वारा संपुष्ट भी नहीं करवाया गया. इतना ही नहीं जांच टीम के सामने बहाली से जुड़े कोई कागजात तक पेश नहीं किये गये. इधर, आर्य कन्या उच्च विद्यालय में 56 शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को वेतन भुगतान में फर्जीवाड़ा मामले में वर्तमान डीइओ सुरेश कुमार साहु की भूमिका सवालों के घेरे में आ गये हैं. बताया जाता है कि विद्यालय प्रबंधन कमेटी द्वारा बहाल 56 कर्मियों को सरकारी राशि से वेतन भुगतान को राज्यस्तरीय जांच टीम ने गलत करार दिया है.
राज्य स्तरीय टीम ने आर्य कन्या विद्यालय में फर्जी बहाली व वेतन भुगतान में फर्जीवाड़ा की जांच की
शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने वर्तमान डीइओ के कारनामे सहित पूरी फाइल तलब कर दिये कार्रवाई के संकेत
आर्य कन्या उच्च विद्यालय में फर्जी तरीके से बहाल कर्मियों के वेतन भुगतान में गड़बड़ी मामले में अगर तत्कालीन डीपीओ स्थापना सुरेश साहु के खिलाफ निलंबन व प्रपत्र क की अनुशंसा की गयी है तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसकी जांच की जायेगी. ऐसे आरोपित अधिकारियों को डीइओ कैसे बनाया जा सकता है. कहीं से अगर चूक हुई है तो इसे दूर कर आरोपित अधिकारी पर जल्द ही कार्रवाई की जायेगी.
आरके महाजन, प्रधान सचिव, शिक्षा विभाग.
56 कर्मियों को वेतन भुगतान कर फंसे अधिकारी
जांच अधिकारी श्री सिंह ने कहा कि ऐसे शिक्षकों को सरकारी राशि से वेतन भुगतान किया जाना पूरी तरह से गलत है. बता दें कि विद्यालय में स्वीकृत 13 पद के एवज में 63 शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी वर्तमान में कार्यरत हैं. बीते बरसों में ना पद का सृजन और ना विभाग से अनुमोदन…बस सरकारी नियम कायदे को ताक पर रख कर विद्यालय में फर्जी तरीके से 56 कर्मचारियों की बहाली कर ली गयी. इतना ही नहीं इसके बाद शिक्षा निदेशक से नियुक्ति के बिना अनुमोदन के ही समायोजन फिर वेतन भुगतान कर दिया गया.
आर्य कन्या उच्च विद्यालय में फर्जी बहाली सहित वेतन भुगतान में फर्जीवाड़ा प्रकरण की जांच रिपोर्ट शिक्षा सचिव को सौंप दी गयी है. विद्यालय में स्वीकृत पद मात्र 13 हैं. जांच के दौरान फर्जी तरीके से बहाल 56 कर्मचारियों की बहाली से लेकर वेतन भुगतान में फर्जीवाड़ा की बात सामने आयी है.
विनोद कुमार सिंह, जांच अधिकारी सह अपर सचिव, शिक्षा विभाग.
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