ऑनलाइन जोखिम व मानव व्यापार के नए रूपों के प्रति किया जागरूक

Updated at : 14 Mar 2026 7:43 PM (IST)
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ऑनलाइन जोखिम व मानव व्यापार के नए रूपों के प्रति किया जागरूक

ऑनलाइन जोखिम व मानव व्यापार के नए रूपों के प्रति किया जागरूक

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– मानव व्यापार व डिजिटल फ्रॉड पर एक दिवसीय कार्यक्रम कटिहार कटिहार इंजीनियरिंग कॉलेज में एक दिवसीय एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिसमें मानव व्यापार व डिजिटल फ्रॉड को लेकर मौजूद छात्र छात्राओं को जागरूक किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में एनडीआरएफ के पूर्व डीजी डॉ प्रो पीएम नाजीर व केईसी के प्राचार्य डॉ रंजना कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर उद्घाटन किया. डॉ पीएम नाजीर ने बताया कि आज मानव व्यापार का एक नया और खतरनाक रूप सामने आ रहा है. डिजिटल शोषण व साइबर स्लेवरी, पहले तस्कर पीड़ितों तक पहुंचते थे. लेकिन अब इंटरनेट ही पीड़ित को तस्करों तक पहुंचा देता है. सोशल मीडिया ग्रूमिंग, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग नेटवर्क, डार्क वेब व फर्जी ऑनलाइन जॉब पोर्टल इसके प्रमुख माध्यम बन चुके हैं. हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में भारतीय इंजीनियरों और तकनीकी युवाओं को विदेशों में आकर्षक नौकरी का लालच देकर ले जाया गया. जहां उनसे साइबर धोखाधड़ी और ऑनलाइन ठगी जैसे अपराध कराए जाने के मामले सामने आए हैं. रिपोर्ट के अनुसार लगभग 39,735 भारतीय युवक दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों जैसे लाओस, कंबोडिया और थाईलैंड गए और उनमें से कई अब तक वापस नहीं लौटे. आशंका है कि उनमें से कई को साइबर अपराध करने के लिए मजबूर किया गया. इसलिए आज के युवाओं, विशेष रूप से इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र के छात्रों को डिजिटल सुरक्षा, ऑनलाइन जोखिम और मानव व्यापार के नए रूपों के प्रति जागरूक होना बेहद आवश्यक है. इस मौके पर ट्रीपल ई के डॉ राम कुमार, सीएसई के डॉ धर्मवीर कुमार यादव, ट्रीपलई के डॉ मनन जी समेत अन्य मौजूद थे.

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