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सार्वजनिक बैंक देश की संपत्ति इन्हें कमजोर करने वाले कदम का करेंगे विरोध, क्षेत्रीय सचिव

Updated at : 12 Feb 2026 7:05 PM (IST)
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सार्वजनिक बैंक देश की संपत्ति इन्हें कमजोर करने वाले कदम का करेंगे विरोध, क्षेत्रीय सचिव

सार्वजनिक बैंक देश की संपत्ति इन्हें कमजोर करने वाले कदम का करेंगे विरोध, क्षेत्रीय सचिव

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सार्वजनिक बैंकिंग व्यवस्था की रक्षा की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे बैंककर्मी बैककर्मियों की हड़ताल के कारण जिले में करोड़ों का कारोबार हुआ प्रभावित कटिहार राष्ट्रव्यापी बैंक कर्मचारी ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर गुरुवार को जिले के बैंक के अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे. हड़ताल से विभिन्न बैंक शाखाओं में ताला लटका रहा. हड़ताल की वजह से करोड़ों के कारोबार प्रभावित हुआ है. इस हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा अन्य संबद्ध बैंकिंग संस्थानों के कर्मचारी सक्रिय रूप से भाग लिया. हड़ताल के समर्थन में सेंट्रल बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के समक्ष धरना भी दिया. बिहार स्टेट सेन्ट्रल बैंक एम्प्लॉयर्स यूनियन कटिहार के क्षेत्रीय सचिव चंदन कुमार ने कहा कि यह हड़ताल कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और सार्वजनिक बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए की जा रही है. हमारा उद्देश्य किसी भी प्रकार से ग्राहकों को असुविधा पहुंचाना नहीं है बल्कि सरकार और बैंक प्रबंधन का ध्यान उन गंभीर मुद्दों की ओर आकर्षित करना है. जिनका समाधान लंबे समय से लंबित है. सार्वजनिक बैंक देश की संपत्ति हैं और इन्हें कमजोर करने वाले किसी भी कदम का हम लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे. कहा कि ट्रेड यूनियन संवाद और वार्ता के माध्यम से समाधान चाहती है. पर यदि मांगों पर साकारात्मक पहल नहीं की गयी तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है. यूनियन के नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. ये बैंक केवल व्यावसायिक लाभ के उद्देश्य से नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए भी कार्य करते है. किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, छात्रों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों ग्राहकों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने में सार्वजनिक बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. ऐसे में निजीकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदम न केवल कर्मचारियों बल्कि आम जनता के हितों के विरुद्ध हैं. यूनियनों ने आरोप लगाया है पिछले कुछ वर्षों में बैंकों में कर्मचारियों की संख्या लगातार घटती जा रही है. सेवानिवृत्ति के बाद रिक्त पदों पर पर्याप्त भर्ती नहीं की गयी. शाखाओं में स्टाफ की भारी कमी उत्पन्न हो गयी है. इसका परिणाम यह हुआ है कि कार्यरत कर्मचारियों पर कार्यभार असामान्य रूप से बढ़ गया है. सेवा की गुणवत्ता और कर्मचारियों के स्वास्थ्य दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. ट्रेड यूनियनों ने सभी रिक्त पदों पर शीघ्र और पर्याप्त भर्ती की मांग की है. इसके अतिरिक्त, सेवा शर्तों में सुधार, वेतन संबंधी विसंगतियों का समाधान, पदोन्नति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता तथा स्थानांतरण नीति में न्यायसंगत व्यवस्था लागू करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठायी है. धरना पर क्षेत्रीय सचिव चंदन कुमार, क्षेत्रीय अध्यक्ष सौरव कर, कोषाध्यक्ष चंदन कुमार, धीरज कुमार, इंद्रजीत कुमार, धीरेंद्र कुमार, शंकर सिंह आदि बड़ी संख्या में बैंककर्मी शामिल थे.

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