एनएच-81 पर आवागमन करने में कांप जाती है रूह
Author Prabhat khabar digital desk
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कटिहार : एनएच 81 कटिहार-गेड़ाबाड़ी सड़क चलने के लायक नहीं रह गयी है. सड़क पर बड़े-बड़े गढ्ढे हादसे को निमंत्रीण दे रहा है. 20 जून से मानसून प्रवेश करने वाला है. लेकिन सड़क पर बन आये बड़े-बड़े गढ्ढों को भरने का काम शुरू नहीं किया गया है. मूसलाधार बारिश जब होगी तो सड़क पर गढ्ढों […]
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कटिहार : एनएच 81 कटिहार-गेड़ाबाड़ी सड़क चलने के लायक नहीं रह गयी है. सड़क पर बड़े-बड़े गढ्ढे हादसे को निमंत्रीण दे रहा है. 20 जून से मानसून प्रवेश करने वाला है. लेकिन सड़क पर बन आये बड़े-बड़े गढ्ढों को भरने का काम शुरू नहीं किया गया है. मूसलाधार बारिश जब होगी तो सड़क पर गढ्ढों में तीन से चार फीट पानी भर जायेगा. ऐसे में एनएच 81 पर परिचालन ठप होने का डर बना हुआ है. इसके बावजूद न एनएच के पदाधिकारी इस दिशा में कुछ सोच रहे हैं न ही जिला प्रशासन को कोई मतलब रह गया है.
हालांकि गेड़ाबाड़ी की ओर से सड़क निर्माण का कार्य धीमी गति से हो रहा है. इधर हृदयगंज से लेकर कोलासी तक सउ़क की हालत इस कदर बिगड़ गयी है कि वाहन चालकों को वाहन चलाने में भय का सामना करना पड़ रहा है. उसपर उड़ती धूल रागहीरों एवं स्थानीय लोगों को परेशान कर रही है. स्थानीय लोगों के अनुसार करीब ड़ेढ़ वर्षों सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है. दोनों तरफ नाला बनाकर छोड़ दिया गया है. कटिहार प्रखंड कार्यालय से लेकर कोलासी तक सड़क की हालत काफी दयनीय हो गयी है.
प्रखंड कार्यालय के आगे तो भले ही छोटे मोटे गड्ढे हो. लेकिन हाजीपुर बस्ती के पास तो सड़क में गढ्ढा है या गड्ढा में सड़क यह भी समझ नहीं आता है. सड़कों पर वाहन चलाने वाले चालक खासकर डरे रहते हैं कब दुर्घटना न हो जाये. सड़क पर वाहन चलाने वाले चालक कोलासी से निकल जाने के बाद ऊपर वाले का धन्यवाद करते हैं. सड़क की हालत दिनोंदिन खराब होती जा रही है. यहां के स्थानीय लोगों का आक्रोश भी अब बढ़ता जा रहा है.
प्रशासन व जनप्रतिनिधियों पर जताया आक्रोश
हाजीपुर के स्थानीय निवासी जुबेर अहमद, मो ईश तकार, मो जैनुल, मो फैज आलम, मो इलियास ने बताया कि सड़क की हालत दिनोंदिन खराब होती जा रही है. पहले तो इतने बड़े गड्ढे नहीं थे. लेकिन अब तो सड़क की हालत चलने लायक भी नहीं है. बड़े-बड़े वाहन इस ओर से गुजरते हैं. हमेशा वाहन का पलट जाने का डर बना रहता है. बड़ी-बड़ी बस गुजरती रहती है. बस पैसेंजर से भरा रहता है. यदि बस पलट जाये तो बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है.
अभी तो किसी प्रकार से वाहन पार हो जाते हैं. लेकिन जब वर्षा होती है तो सारे गड्ढे में पानी भर आते हैं. गड्ढे का पूरा पता नहीं चल पाता है. कई बार यहां पर एक्सीडेंट भी हो चुका है. कई ऑटो भी पलट गयी है. जिससे कितने लोग घायल भी हुए हैं. दिन में तो वाहन रास्ते को देख निकल जाते हैं. लेकिन रात में सबसे ज्यादा परेशानी होती है. स्थानीय निवासियों ने बताया कि सड़क निर्माण का कार्य शुरू होने से आशा जगी थी कि बहुत जल्द इस सड़क को बना लिया जायेगा.
लेकिन इतने समय बीत जाने के बाद भी सिर्फ दोनों साइड नाला बनाया गया है. सड़क नहीं बन पाया है. बरसात का मौसम शुरू होने वाला है. जिस कारण दुर्घटना में बढ़ोतरी होगी. सड़क निर्माण कार्य धीरे-धीरे हो रहा है. यह काफी चिंता की बात है न तो कोई अधिकारी इस और ध्यान दे रहे हैं और न कोई जनप्रतिनिधि कार्य एजेंसी से पूछने की जहमत उठा रहे है. जिस कारण वह अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं. हाजीपुर के पास सड़क की हालत पर स्थानीय निवासियों ने बड़े-बड़े गड्ढे में राविश डालकर फिलहाल चलने योग्य बनाने की मांग की है, ताकि वाहन अच्छे से निकल जायें.
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