दो वर्षों से मशीन खराब, नहीं हाे पा रही पानी में आर्सेनिक व फ्लोराइड की जांच, कैसे मिले पेयजल

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Jan 2018 6:36 AM

विज्ञापन

जिला जल प्रयोगशाला में आर्सेनिक व फ्लोराइड जांच मशीन 2015 से खराब ठीक कराने की दिशा में नहीं हुई कार्रवाई कटिहार : शहर में स्थित जिला जल जांच प्रयोगशाला में दो वर्षों से पानी में आर्सेनिक व फ्लोराइड की जांच का काम पूरी तरह से ठप है. बताया जाता है कि दो वर्षों से आर्सेनिक […]

विज्ञापन

जिला जल प्रयोगशाला में आर्सेनिक व फ्लोराइड जांच मशीन 2015 से खराब

ठीक कराने की दिशा में नहीं हुई कार्रवाई
कटिहार : शहर में स्थित जिला जल जांच प्रयोगशाला में दो वर्षों से पानी में आर्सेनिक व फ्लोराइड की जांच का काम पूरी तरह से ठप है. बताया जाता है कि दो वर्षों से आर्सेनिक व फ्लोराइड जांचने वाली मशीन खराब पड़ी हुई है. इसके कारण कोई काम नहीं हो रहा है. सबसे बड़ी विडंबना है कि अब पानी की जांच के लिए सेंपल यहां से पटना भेजना पड़ रहा है. वहीं से पानी में आर्सेनिक व फ्लोराइड है या नहीं इसकी रिपोर्ट दी जा रही है.
गौरतलब हो जिले के 47 वार्डों को अब तक आर्सेनिक युक्त पानी होने के लिए विभाग ने चिह्नित किया है. जानकारी के मुताबिक सबसे अधिक मनिहारी के 31 वार्ड, बरारी के 10, अमदाबाद के छह व समेली के एक वार्ड को आर्सोनिक युक्त पानी के लिए चिह्नित किया गया है. इन वार्डों में पानी पीने योग्य नहीं है. चिह्नित गावों में अब तक बेहतर पेयजल के लिए किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. इसके कारण लोग आज भी आर्सेनिक युक्त पानी पीने को विवश हो रहे हैं. जल जांच प्रयोगशाला में एस्पेक्ट्रोफोटोमीटर मशीन पिछले दो वर्षों से खराब है. हालांकि इस मशीन की मरम्मत की दिशा में विभाग ने उच्चाधिकारियों के साथ कई बार पत्राचार किया है, लेकिन कंपनी ने इसे ठीक करने से तत्काल इंकार कर दिया है. बताया जाता है कि जांच मशीन लाखों की है. मशीन जापान की कंपनी की है. खराब हुए पुर्जे यहां नहीं मिलने के कारण दो वर्षों से काम ठप है.
2003-04 में प्रयोगशाला हुई थी स्थापित
जिला जल प्रयोगशाला के केमिस्ट मो अनवर आलम ने बताया कि कटिहार जिले में प्रयोगशाला की स्थापना 2003-04 में हुई थी. यह प्रयोगशाला नयी बिल्डिंग में 2008-09 मई में स्थानांतरित होकर आधुनिक तरीके से संचालित की जा रही है. प्रयोगशाला को संचालित करने के लिए प्रभारी पदाधिकारी के रूप में सहायक अभियंता के अलावा केमिस्ट मो अनवर आलम तथा प्रयोगशाला सहायक अर्चना केसरी यहां नियुक्त हैं. जबकि इस प्रयोगशाला के संचालन करने में एक प्रयोगशाला लैब अटेंडेंट की सख्त आवश्यकता है. प्रयोगशाला में सेंपल की जांच की जाती है. सेंपल जिले के विभिन्न भागों से सप्ताह में एक बार ट्यूबवेल मिस्त्री के द्वारा लाया जाता है.
केमिस्ट ने बताया कि जिला जल प्रयोगशाला में जिले के विभिन्न इलाके से लायी गयी पानी में आयरन, आर्सेनिक, टीडीएस, टोटल हार्डनेस, अल कलानिरी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, क्लोराइड की जांच की जाती है. जांच के अनुरूप उस इलाके का पानी को दुरुस्त करने के लिए विभागीय उच्चाधिकारी निर्णय लेते हैं.
2009 में खरीदी गयी थी मशीन
स्पेक्ट्रोफोटोमीटर मशीन 2009 में खरीदी गयी थी. जो दिसंबर 2015 में खराब हो गयी है. हैदराबाद के सप्लायर के द्वारा इस मशीन की आपूर्ति की गयी थी. यह मशीन जापान की बनी हुई है. देश में इस मशीन का कोई पुर्जा उपलब्ध नहीं रहने के कारण सप्लायर इस मशीन को तत्काल ठीक करने से आनाकानी कर रहे हैं. हैदराबाद में कंपनी से बात करने से बताया गया कि इस तरह की शिकायत कटिहार जिले के अलावा बिहार के 18 जिले से आयी है. सभी जगह इंजीनियर भेजा जायेगा.
सर्वे कर इसे दुरुस्त किया जायेगा. कई जिले में सर्वे कर दुरुस्त करने का प्रयास किया गया, लेकिन मशीन का सामान यहां उपलब्ध नहीं रहने के कारण अभी तक ठीक नहीं हो पाया है. इसके कारण कटिहार जिले के विभिन्न इलाकों से आये पानी के आर्सेनिक व फ्लोराइड जांच दो वर्षों से नहीं की जा रही है. इस कारण कटिहार जिले के 47 वार्ड के लोग आज भी आर्सेनिक युक्त पानी पीते हैं. कटिहार जिले के 3161 वार्डवासी आयरन युक्त पानी पीने को विवश हैं.
कहते हैं कार्यपालक
अभियंता
जिले में 47 वार्ड को को चिह्नित किया गया है. इसमें 43 वार्ड के लोग आज भी आर्सेनिक युक्त पानी पीने को विवश हैं. इसके लिए अविलंब आर्सेनिक मुक्त पेयजल आपूर्ति के लिए कटिहार जिले के मनिहारी, अहमदाबाद, समेली, बरारी में आर्सेनिक रिमूवल प्लांट लगाया जायेगा. इसका डीपीआर तैयार कर लिया गया है. टेंडर कर वर्क आर्डर दे दिया गया है. छह माह के अंदर सभी जगह प्लांट का निर्माण कर लिया जायेगा. कटिहार जिले में 3218 वार्ड है. जिसमें लोग आयरन युक्त पानी पी रहे हैं. अविलंब सभी स्थानों पर आयरन रिमूवल प्लांट लगाया जायेगा.
सुबोध शंकर, कार्यपालक अभियंता
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन