जारी है लापरवाही, कैसे रुकेगी घटना
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Nov 2017 8:16 AM
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कटिहार : अपराधी अपराध को अंजाम देने के लिए नित्य नयी योजना बनाते रहते हैं. इसके बावजूद बैंक अधिकारी व बैंक में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी लापरवाह बने हुए हैं. बैंक में अापराधिक घटना के बाद भी ये सतर्क नहीं हो रहे हैं. अगर बैंक में कोई अापराधिक घटना घट जाये तो बैंक अपना […]
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कटिहार : अपराधी अपराध को अंजाम देने के लिए नित्य नयी योजना बनाते रहते हैं. इसके बावजूद बैंक अधिकारी व बैंक में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी लापरवाह बने हुए हैं. बैंक में अापराधिक घटना के बाद भी ये सतर्क नहीं हो रहे हैं.
अगर बैंक में कोई अापराधिक घटना घट जाये तो बैंक अपना हाथ खड़ा कर देती है, लेकिन यह घटना सूबे में जिले की पुलिस व्यवस्था व उसके द्वारा मुहैया करायी गयी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ी कर देती है. जिला पुलिस की सूबे में किरकिरी हो जाती है.
कटिहार एसपी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी को इसका जबाब देते नहीं बनता है. लेकिन इससे बैंक अधिकारी व वहां तैनात कर्मियों को इससे क्या लेना-देना. अगर घटना घटे भी तो उसका क्या. शनिवार को कुछ ऐसा ही मामला शिव मंदिर चौक स्टेट बैंक में देखने को मिली. जब उक्त बैंक के स्ट्रांग रूम से दो बक्सा कैश एसबीआइ मिरचाईबाड़ी ले जाया जा रहा था.
दो से तीन होमगार्ड के जवान उक्त कैश की सुरक्षा में तैनात तो थे, लेकिन उनके एक हाथ में राइफल थी तथा दूसरे हाथ से सुरक्षा कर्मी कैश से भरा बक्शा पकड़ कर बैंक से बाहर खड़ी गाड़ी तक ला रहे थे. अगर उस दौरान अपराधी कैश लूटने के इरादे से हमला कर देते तो उसमें तैनात सुरक्षा कर्मी क्या करते. क्या वे लूट की घटना को रोक पाते. आखिर बैंकों में बढ़े अपराधिक घटनाओं के बाद भी बैंक अधिकारी इस मामले में लापरवाह क्यों हैं. क्या लाखों करोड़ों की राशि से बैंक अधिकारी को कोई लेना देना नहीं है.
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