कृषि विभाग से मिले गेहूं बीज बोने पर नहीं हुआ अंकुरित, किसान चिंतित

Published by :VIKASH KUMAR
Published at :10 Dec 2025 5:04 PM (IST)
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कृषि विभाग से मिले गेहूं बीज बोने पर नहीं हुआ अंकुरित, किसान चिंतित

KAIMUR NEWS.दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र में कृषि विभाग से किसानों को अच्छी पैदावार के लिए अनुदानित दरों पर गेहूं का बीज बोने के लिए वितरण किया गया है. यह बीज बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड ने उपलब्ध कराया है, प्रमाणित गेहूं बीज है.

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12 दिन बीत जाने के बाद भी गेहूं के पौधे खेतों में नहीं हो रहे अंकुरित

प्रतिनिधि, कर्मनाशा

दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र में कृषि विभाग से किसानों को अच्छी पैदावार के लिए अनुदानित दरों पर गेहूं का बीज बोने के लिए वितरण किया गया है. यह बीज बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड ने उपलब्ध कराया है, प्रमाणित गेहूं बीज है. जिसे किसानों ने कृषि विभाग के माध्यम से दुकानों से खरीद कर काफी लागत लगाकर खेतों में बुआई की. लेकिन, 12 दिन बीत जाने के बाद भी गेहूं के पौधे खेतों में नहीं अंकुरित हो रहे हैं. जिससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है. दरअसल दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र में धान कटाई के बाद किसानों ने खेत तैयार कर कृषि विभाग द्वारा वितरित गेहूं की बीज की खेतों में बुआई की. साथ में महंगे दामों पर डीएपी व अन्य खाद भी डाले. किसानों ने सोचा कि सही समय पर अच्छे बीज और खाद मिलाकर बुआई कर देंगे तो पैदावार अच्छी होगी. लेकिन, खेतों में गेहूं अंकुरित नहीं होने से किसानों के मंसूबे पर पानी फिर गया. गेहूं बीज अंकुरित नहीं होने की खबर जैसे ही दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत किसानों के बीच पहुंची. किसानों में हाहाकार मच गया. बहुत से किसानों ने गेहूं बीज की बुआई कर दी. हालांकि ज्यादातर किसान अभी गेहूं बीज खरीद कर अभी बुआई नहीं कर पाये हैं. इसी बीच इस तरह की जानकारी से किसानों चिंतित हैं.

कहते हैं किसान

डूमरी पंचायत के कबिलासपुर गांव निवासी मुखिया प्रतिनिधि पिंकू सिंह ने बताया कि मैने 12 बीघा खेत में कृषि विभाग से प्रमाणित गेहूं बीज बोया था. लेकिन, 12 दिन बाद भी अंकुरित नहीं हुआ. मेरा खेत खाली हो गया है. जबकि अनुदान की राशि काटकर 25 रुपये किलो गेहूं का बीज विभाग से लिया था. इसी तरह हमारे गांव के पांच सात किसानों ने अपने खेतों में गेहूं बीज बोया था., लेकिन उनका भी अंकुरित नहीं हुआ है. किसानों का कहना है कि अब उन्हें फिर से खेत तैयार कर दोबार बीज खरीदकर बुआई करनी होगा, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ेगा. किसानों का सवाल है, कि ऐसे बीज का वितरण क्यों किया गया. यह किसानों के साथ घोर अन्याय है. इस तरह से किसानें की कमर टूट जायेगी.

बोले – कृषि पदाधिकारी

प्रखंड कृषि पदाधिकारी फूलदेव पासवान ने बताया कि किसानों से आवेदन मिलने के बाद खेतों में बुआई की गयी बीजों की जांच करायी जायेगी, कि बीज अंकुरित क्य क्यों नहीं हुए. अभी हम छुट्टी पर घर आए हैं. आते हैं तो इसे दिखवाते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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