एनएच 319 के किनारे शोपीस बनीं एसओएस मशीनें, राहगीरों की सुरक्षा दांव पर

Updated at : 15 Mar 2026 4:28 PM (IST)
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एनएच 319 के किनारे शोपीस बनीं एसओएस मशीनें, राहगीरों की सुरक्षा दांव पर

इमरजेंसी कॉल बॉक्स के बटन खराब व वायरिंग टूटी, मदद के लिए तरसते वाहन चालक

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इमरजेंसी कॉल बॉक्स के बटन खराब व वायरिंग टूटी, मदद के लिए तरसते वाहन चालक धूल फांक रहे सहायता बॉक्स, आपातकाल स्थिति में राहगीर नहीं दे पाते है कोई सूचना मोहनिया शहर. भले ही सरकार द्वारा राहगीरों के सुविधा के लिए कई नयी तकनीक की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन देखरेख व मरम्मत के अभाव में यह सब बेकार साबित हो रहे हैं. कुछ इसी तरह जिले से राजधानी को जोड़ने वाली एनएच 319 के किनारे लगा एसओएस मशीन खराब पड़ी है. यहां मोहनिया से आरा होकर पटना को जाने वाली एनएच 319 सड़क पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाये गये एसओएस (इमरजेंसी कॉल) सिस्टम अब केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गये हैं. कई स्थानों पर लगाये गये आपातकालीन सहायता बॉक्स लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिससे दुर्घटना या किसी तरह की आपात स्थिति में राहगीरों व वाहन चालकों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है. मालूम हो कि जिले से राजधानी जाने के लिए इसी सड़क का लोग उपयोग करते है, ऐसे में एनएच 319 पर अक्सर छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं. ऐसे में दुर्घटना के समय तुरंत पुलिस, एंबुलेंस या संबंधित विभाग को सूचना देने के लिए सड़क किनारे एसओएस बॉक्स लगाये गये थे. इस सिस्टम काे लगाने का उद्देश्य यह था कि यदि किसी वाहन चालक का मोबाइल काम नहीं कर रहा हो या नेटवर्क की समस्या हो, तो वह एसओएस बॉक्स का बटन दबाकर सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सके और उसे तुरंत मदद मिल सके, लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि कई जगहों पर लगे एसओएस बॉक्स खराब पड़े हैं. कुछ स्थानों पर इनका बटन काम नहीं करता, तो कहीं इनकी वायरिंग या कनेक्शन ही पूरी तरह से खराब हो चुका है. कई बॉक्स के शीशे टूटे हैं और उनमें धूल-मिट्टी भर गयी है. इससे साफ जाहिर होता है कि लंबे समय से इनकी मरम्मत या देखभाल नहीं किये जाने के कारण खराब पड़े हैं. # क्या कहते हैं लोग –इस संबंध में शुक्ल पिपरा गांव निवासी शाशि शुक्ला ने बताया एनएच 319 पर लगे एसओएस बॉक्स खराब है. इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, जिनमें ट्रक, बस, निजी वाहन और बाइक शामिल हैं. रात के समय या सुनसान जगहों पर अगर कोई हादसा हो जासे, तो तत्काल मदद मिलना बेहद जरूरी होता है. ऐसे में एसओएस सिस्टम का काम करना बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन इनके खराब रहने से यह व्यवस्था बेकार साबित हो रही है. –इस संबंध में राहगीर राजू कुमार ने बताया जो भी राहगीर के लिए सुविधा की व्यवस्था की गयी है उसे ठीक कराया जाना चाहिए, ताकि इसका लाभ लोगों को मिल सके. संबंधित विभाग को इस ओर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को सुरक्षित और भरोसेमंद सुविधा मिल सके.

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