रामगढ़ में आंधी-बारिश से अस्पताल मार्ग बना झील

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घुटनों भर पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हुए मरीज व राहगीर

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घुटनों भर पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हुए मरीज व राहगीर मनरेगा के तहत बना ड्रेनेज सिस्टम एक साल में ही हुआ ध्वस्त रामगढ़. बुधवार की देर शाम आयी तेज आंधी-तूफान व झमाझम बारिश ने प्रखंड मुख्यालय की व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी. दुर्गा चौक से रेफरल अस्पताल, सूर्य मंदिर, ग्राम भारती बालिका विद्यापीठ व बीआरसी भवन को जोड़ने वाली मुख्य सड़क जलजमाव के कारण पूरी तरह झील में तब्दील हो गयी. सड़क पर जमा पानी ने आवागमन को बाधित कर दिया, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. बारिश के बाद सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाने से पैदल चलने वाले राहगीरों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा. इस दौरान उनके कपड़े गंदे हो गये. सबसे चिंताजनक स्थिति तब देखने को मिली जब जलजमाव के बीच से एक एंबुलेंस गुजरती नजर आयी, जिससे मरीजों के सुरक्षित व समय पर इलाज पर भी सवाल खड़े हुए. स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या नयी नहीं है, हर वर्ष बरसात के मौसम में यही हालात बनते हैं. जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी मुख्य सड़क व पुराने प्रखंड कार्यालय परिसर में जमा हो जाता है. इससे आसपास के करीब 12 पंचायतों से मुख्यालय आने वाले ग्रामीणों, मरीजों व कॉलेज जाने वाली छात्राओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. ग्रामीणों ने बताया कि करीब छह वर्ष पूर्व तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा मनरेगा के तहत पुराने प्रखंड कार्यालय के सामने परिसर में पाइप लगाकर जल निकासी की व्यवस्था की गयी थी, लेकिन निर्माण के एक वर्ष बाद ही यह योजना पूरी तरह ध्वस्त हो गयी. बाजार के व्यवसायी राजू वर्मा, पवन गुप्ता, बबलू जायसवाल व नंदू गुप्ता ने जिला प्रशासन से शीघ्र ठोस पहल करते हुए जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि लोगों को हर वर्ष होने वाली इस परेशानी से निजात मिल सके.

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Vikash Kumar

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