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जिले में चिलचिलाती धूप व गर्म हवा के थपेड़ों से लोग रहे परेशान

Updated at : 10 Jun 2025 4:50 PM (IST)
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जिले में चिलचिलाती धूप व गर्म हवा के थपेड़ों से लोग रहे परेशान

जून महीने के दूसरे सप्ताह से सूर्य देव की ओर से उगली जा रही आग से जिले की धरा अब तवे की तरह तपने लगी है.

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भभुआ सदर. जून महीने के दूसरे सप्ताह से सूर्य देव की ओर से उगली जा रही आग से जिले की धरा अब तवे की तरह तपने लगी है. इस तपिश से क्या मनुष्य और क्या पशु, हर कोई परेशान नजर आ रहा है. सबसे अधिक परेशानी बाहर से आनेवाले और सफर पर रहने वाले लोगों को हो रही है. इनमें भी बच्चों व महिलाओं की परेशानी अधिक है. चिलचिलाती धूप और गर्म हवा के थपेड़ों से बचने के लिए भले ही लोग सिर व मुंह को कपड़े से ढक कर घर से बाहर निकल रहे हो, लेकिन ये सब जतन भी नाकाफी साबित हो रहे हैं. मंगलवार को तो पारा फिर से 42 डिग्री से अधिक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी बढ़ कर 31 डिग्री तक जा पहुचा. इधर, बढ़ती गर्मी ने जन-जीवन को प्रभावित कर रखा है. दिन निकलने के साथ ही पारा भी आसमां की ओर ऊंचाई को छूने लग जाता है. मंगलवार को एक सुबह से ही खिली चटक धूप और दिनभर गर्म हवाओं के चलने व उमस से लोग परेशान दिखे. लोगों ने तरह-तरह के जतन कर गर्मी का सामना किया. कोई चटक धूप से बचने को गीले गमछे का तो कोई शीत पेयजल पदार्थ पीकर गर्मी का सामना करता दिखा. कुल मिलाकर मंगलवार को तेज धूप, उमस और गर्मी से आमजन जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त नजर आया. दोपहर के समय धूप तेज होने पर मुख्य मार्गों में भी सन्नाटा पसरा नजर आया. बहुत जरूरी काम होने पर ही लोगों ने घरों से बाहर का रुख किया. शहर की सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा मौसम वैज्ञानिक की मानें तो अभी हाल-फिलहाल इससे राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं. इसका मुख्य कारण सूरज की किरणों से दिन में तपने वाली धरती रात में भी ठंडी नहीं हो पा रही है. मंगलवार को तापमान 42 डिग्री के पार गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी 31 डिग्री के आसपास रहा. न्यूनतम पारे में भी बढ़ोतरी के चलते धूप के बाद उमस से लोग विवश होकर घरों में दुबकने को मजबूर हो गये हैं. दोपहर में तो कहीं कहीं सड़कों पर कर्फ्यू सा नजारा दिखा. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ विनोद कुमार कहते हैं कि उमस भरी गर्मी में कमजोरी, चक्कर आना, सांस फुलना, जुकाम होने जैसी बीमारियां होती है, जो बच्चों व बुजुर्ग के लिए खतरनाक होती है. इस मौसम में नमक व चीनी का घोल, बेल का शरबत आदि का अधिक इस्तेमाल करना चाहिए. लोगों को इस मौसम में धूप से अपना अधिक से अधिक बचाव करने की जरूरत हैं. उन्होंने बताया कि इस मौसम में पसीना अधिक निकलता है, जिससे शरीर में सोडियम की कमी हो जाती है. इसके कारण चक्कर आना तथा कमजोरी की शिकायत होती है. इसके लिए बचाव ही अधिक कारगर उपाय है. = तेज धूप से ठंडे पदार्थों की बिक्री हुई तेज चिलचिलाती गर्मी पड़ने के चलते बाजारों में ठंडे पदार्थों की बिक्री में भी तेजी देखने को मिली है. दरअसल,तेज पड़ रही गर्मी में बाहर निकलने के कारण अक्सर लोगों का गला सूखने लग रहा है, जिसके चलते लोग विभिन्न पेय पदार्थों से अपना गला तर करते दिख रहे हैं. लोगों की मांग को देखते हुए शीतल पेय विक्रेता भी पूरी तरह सक्रिय हो गये हैं1 इसके अलावा खीरा व ककड़ी की मांग में वृद्धि देखने को मिली है. = उमस ने छुड़ाया पसीना, तो धूप ने किया बेहाल, पारा फिर पहुंचा 42 के पार सूर्य देव की ओर से उगली जा रही आग से जिले की धरा तवे की तरह तपने लगी

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH KUMAR

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