दोहरे भुगतान के एक मामले में स्वास्थ्य विभाग ने किया निलंबित दूसरे में कोई कार्रवाई नहीं

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भभुआ कार्यालय. स्वास्थ्य विभाग अपने हैरान कर देनेवाले कारनामों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहता है. एक बार फिर कैमूर के स्वास्थ्य महकमें में एक हैरतअंगेज कारनामा सामने आया है. दोहरा भुगतान करने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक मामले में दो कर्मचारी को निलंबित कर दिया. वहीं, उससे पहले घटित हुई […]

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भभुआ कार्यालय. स्वास्थ्य विभाग अपने हैरान कर देनेवाले कारनामों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहता है. एक बार फिर कैमूर के स्वास्थ्य महकमें में एक हैरतअंगेज कारनामा सामने आया है. दोहरा भुगतान करने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक मामले में दो कर्मचारी को निलंबित कर दिया. वहीं, उससे पहले घटित हुई दूसरे मामले में वरीय अधिकारियों के आदेश के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गयी. उक्त मामले के उजागर होने के बाद यह कहना गलत नहीं होगा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी सुविधा के अनुसार कार्रवाई करते हैं.
दरअसल, चार अप्रैल को सिविल सर्जन डॉ नंदेश्वर प्रसाद द्वारा सदर अस्पताल के प्रधान लिपिक हरेंद्र कुमार सिंह व लिपिक भानु प्रताप सिंह को सदर अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक प्रह्लाद सिंह को दो बार एरियर का भुगतान करने के आरोप में वित्तीय गड़बड़ी व कार्य में लापरवाही मानते हुए निलंबित कर दिया था. वहीं, अक्तूबर 2017 में कुदरा पीएचसी में कार्यरत लिपिक शैलेंद्र कुमार द्वारा वहां के कर्मचारियों को दो बार दो अलग-अलग कोड से वेतन का भुगतान कर दिया गया. लेकिन, उस मामले में उक्त लिपिक पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गयी. खास बात यह कि कुदरा के शैलेंद्र कुमार द्वारा दोहरे भुगतान के मामले में क्षेत्रीय उपनिदेशक केके मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय टीम से पूरे मामले की जांच करायी और जांच रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता व गड़बड़ी साफ तौर पर उजागर हुई थी.
इसके बाद क्षेत्रीय उपनिदेशक ने सिविल सर्जन को पत्र लिख निर्देशित किया गया था कि उक्त कर्मी से स्पष्टीकरण पूछने की कार्रवाई नाकाफी है. ऐसे में उक्त कर्मी के खिलाफ वित्तीय अनियमितता के मामले में विधि सम्मत कार्रवाई कर सूचित करें. वहीं, डीएम राजेश्वर प्रसाद सिंह ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था. क्षेत्रीय उपनिदेशक व डीएम के संज्ञान लेने के बावजूद उक्त कर्मचारी को स्पष्टीकरण व स्थानांतरण कर सिविल सर्जन द्वारा कार्रवाई की इतिश्री कर दी गयी. लेकिन, वहीं सदर अस्पताल में जब दोहरे भुगतान का मामला सामने आया, तो तत्काल दो कर्मचारी को निलंबित करने की कार्रवाई की गयी, जो कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों के प्रति अपनाये जा रहे दोहरे मापदंड को उजागर करता है.
उक्त मामले के उजागर होने के बाद से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में साफ तौर पर असंतोष खुल कर सामने आया है. इस मामले में सिविल सर्जन नंदेश्वर प्रसाद ने कहा कि दोहरे भुगतान के दूसरे मामले की भी जांच की जा रही है. उसमें भी कार्रवाई की जायेगी.
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