सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में भगदड़ की घटना प्रशासन की लापरवाही : डॉ अरुण

Published at :13 Aug 2024 10:21 PM (IST)
विज्ञापन
सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में भगदड़ की घटना प्रशासन की लापरवाही : डॉ अरुण

वाणावर पहाड़ स्थित सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में दर्शन के दौरान हुई भगदड़ में आठ श्रद्धालुओं की मौत प्रशासन की लापरवाही को दर्शााता है. प्रशासन अच्छी तरह से जान रही थी कि मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है

विज्ञापन

जहानाबाद सदर

. वाणावर पहाड़ स्थित सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में दर्शन के दौरान हुई भगदड़ में आठ श्रद्धालुओं की मौत प्रशासन की लापरवाही को दर्शााता है. प्रशासन अच्छी तरह से जान रही थी कि मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है और सोमवार रहने की वजह से भीड़ अत्यधिक रहेगी, फिर भी प्रशासन अलर्ट नहीं थी, जिसकी वजह से यह घटना घटित हुई है. उक्त बातें जहानाबाद के पूर्व सांसद डॉ अरुण कुमार ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कही. उन्होंने कहा कि इस घटना में प्रशासन की बिल्कुल ही चूक हुई है. अगर प्रशासन मुस्तैद रहती तो इस तरह की घटना घटित नहीं होती. बराबर ऐतिहासिक धरोहर है. सिद्धेश्वरनाथ मंदिर सभी लोगों के आस्था का केंद्र है. अगर सरकार चाहती तो इसका विकास बहुत होता. मेरे सांसद काल में यहां पर काम हुआ था लेकिन उसके बाद किसी जनप्रतिनिधि ने इस पर ध्यान नहीं दिया, जिसकी वजह से इसका विकास नहीं हो सका है लेकिन वाणावर घटना के बाद केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से मिलकर अपनी बात रखेंगे और विकास करने का प्रयास करूंगा. इससे पहले पूर्व सांसद घटनास्थल पर पहुंचकर स्थानीय दुकानदारों एवं पुजारी से बातचीत किया और घटना का विस्तृत जानकारी लिया. इसके पहले सदर अस्पताल जाकर भगदड़ में घायल हुए मरीजों से मुलाकात की तथा सांत्वना दिया. बाद में मखदुमपुर प्रखंड क्षेत्र के लड़ौआ गांव में भगदड़ में मृत्यु हुई एक महिला के परिजन से मुलाकात कर सांत्वना दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन