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गंगासागर में 60 लाख श्रद्धालुओं ने सागर में लगायी डुबकी, जानें पुण्य स्नान का समय

Updated at : 14 Jan 2026 5:45 AM (IST)
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Gangasagar Mela 2026 West Bengal News

सागर में स्नान करने के बाद सूर्य को अर्घ्य देती महिला श्रद्धालु. फोटो : एएनआई

Gangasagar Mela 2026: दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में मकर संक्रांति पर लगने वाले गंगासागर में पुण्य स्नान बुधवार से शुरू होगा. स्नान बृहस्पतिवार तक चलेगा. मंत्री अरूप विश्वास ने कहा है कि मंगलवार को दोपहर 3 बजे तक 60 लाख श्रद्धालुओं ने सागर में डुबकी लगा ली थी. बुधवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने की उम्मीद है. इसके लिए जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर तैयारी की है.

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Gangasagar Mela 2026: गंगा और सागर के मिलन स्थल मोक्ष की धरती गंगासागर में हर साल मकर संक्रांति पर लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान करने के लिए आते हैं. इस साल मकर संक्रांति से पहले ही मंगलवार तक 60 लाख लोग सागर में डुबकी लगा चुके हैं. गंगासागर मेला कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्य के बिजली मंत्री अरूप विश्वास ने यह जानकारी दी.

बुधवार को भीड़ उमड़ने की उम्मीद

मंत्री ने पत्रकारों को बताया कि मंगलवार दोपहर 3 बजे तक 60 लाख लोगों ने गंगासागर में स्नान किया. मकर संक्रांति के अवसर पर बुधवार को और अधिक भीड़ उमड़ने की उम्मीद मंत्री ने जतायी है. कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए और श्रद्धालुओं को सुगम पवित्र स्नान कराने के लिए प्रशासन तैयार है.

गंगासागर स्नान करने के बाद सागर तट पर पूजा करती महिलाएं. फोटो : एएनआई

पुण्य स्नान का शुभ मुहूर्त 1:19 बजे से

मंत्री ने बताया कि पुण्य स्नान का शुभ मुहूर्त बुधवार दोपहर 1:19 बजे से बृहस्पतिवार अपराह्न 1:19 बजे तक है. ऐसे में शुभ मुहूर्त में स्नान करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या और बढ़ सकती है. उन्होंने बताया कि तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को जिला प्रशासन की एक बैठक हुई थी. कोलकाता से गंगासागर तक तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं.

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Gangasagar Mela 2026: बसों और छोटे वाहनों में लगाये गये जीपीएस

मंत्री ने कहा कि कोलकाता से लाट 8 और कचुबेरिया से गंगासागर जाने वाली बसों एवं छोटे वाहनों में जीपीएस लगाये गये हैं, ताकि उनकी निगरानी की जा सके. इतना ही नहीं वेसल बार्ज और स्टीमर में जीपीएस लगाया गया है. सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए वाहन की स्पीड 40 किलोमीटर तक सीमित रखने का निर्देश दिया गया है.

संवाददाता सम्मेलन में शामिल हुए ये लोग

संवाददाता सम्मेलन में दमकल मंत्री सुजीत बोस, सुंदरवन विकास मंत्री बंकिम चंद्र हाजरा, मंत्री बेचाराम मान्ना, पीएचई मंत्री पुलक रॉय, सिंचाई मंत्री मानस भुईयां, दक्षिण 24 परगना के जिलाधिकारी अरविंद कुमार मीणा, कोलकाता नगर निगम के आयुक्त और दक्षिण 24 परगना के पूर्व डीएम सुमित गुप्ता समेत अन्य लोग मौजूद थे.

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गंगासागर को राष्ट्रीय मेला घोषित किया जाये : अरूप रॉय

मंत्री अरूप विश्वास ने कहा कि इतनी संख्या में लोग गंगासागर पहुंच रहे हैं. भीड़ लगातार बढ़ रही है. पर केंद्र सरकार गंगासागर को राष्ट्रीय मेला घोषित नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मेला घोषित किये जाने को लेकर राज्य सरकार की ओर से लगातार मांग की जा रही है. पर केंद्र हमारी मांग नहीं मान रहा है, लेकिन एक दिन आम लोगों के दबाव में आकर गंगासागर को राष्ट्रीय मेला घोषित करना ही पड़ेगा.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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