अरवल. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की 134वीं जयंती के पूर्व संध्या पर सदर प्रखंड परिसर के स्वतंत्रता सेनानी पार्क में सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया. इसके अलावा मौजूदा विषयों पर परिचर्चा की गयी. सांस्कृतिक कार्यक्रम में कैमूर, पटना जिला और औरंगाबाद के जनवादी गीत गाने वाले कलाकारों ने काफी मनोरंजन किया कैमूर के राम सिंहासन ने बाबा साहेब के जीवनी पर गीत गये. दाउदनगर की कामता के नेतृत्व में आयी टीम ने बाबा साहेब के जीवनी पर और उनके जन संघर्षों के गाथा को अपने गीतों में बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया. अनुगुंज की टीम ने बेहतर वाद्य यंत्रों के जरिए लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. शहर में इस तरह का पोस्टर प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम अनूठा रहा. बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर के जीवन पर आधारित इस कार्यक्रम को बेहतर तरीके से आयोजन किया गया. इंकलाबी नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष शाह शाद ने कार्यक्रम का संचालन किया. बाबा साहब आंबेडकर के जीवनी उनके संघर्षों के गाथा को आज तक तो हम लोग भाषणों में सुनते रहे हैं, लेकिन हम लोग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए उनके संघर्ष को गीतों के माध्यम से समझेंगे. इस बात को विस्तार से बताते हुए माले विधायक महानंद सिंह कहा कि जो सेकुलर समाज है, उसके ताना-बाना को तहस-नहस करने में बीजेपी के लोग लगे हुए हैं. बाबा साहब के संविधान पर हमला का एक और कदम वक्फ संशोधन कानून बना कर किया गया है. यह कानून गैर संवैधानिक, साम्प्रदायिक कानून के अलावा कुछ भी नहीं है. कार्यक्रम में जयप्रकाश बाबू, रामध्यान बाबू, बिंदेश्वरी यादव, विधि चंद, सुरेंद्र बाबू समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता व बुद्धिजीवी शामिल थे.
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