Prabhat Khabar Exclusive: 'डिजिटल मीडिया के 40% कंटेंट पर बिहार की छाप...', आशुतोष राणा ने युवाओं को दिया खास संदेश
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 16 Jan 2026 7:00 AM
Ashutosh Rana: फिल्म प्रमोशन के सिलसिले में पटना पहुंचे अभिनेता आशुतोष राणा ने बिहार, साहित्य और डिजिटल मीडिया पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि डिजिटल कंटेंट का बड़ा हिस्सा बिहार से आता है. पढ़िए प्रभात खबर से खास बातचीत में उन्होंने युवाओं को क्या संदेश दिया.
Ashutosh Rana: एक्टर आशुतोष राणा फिल्म ‘वन टू चा चा चा’ के प्रमोशन के सिलसिले में प्रभात खबर ऑफिस पहुंचे थे. इस दौरान बिहार और युवा पर उन्होंने ढेर सारी बातचीत की. उन्होंने कहा कि बिहारी का प्रेम उसकी मूल प्रकृति है. यहां के लोग जब प्रेम करते हैं, तो पूरी निष्ठा के साथ करते हैं. जीवन भर के लिए, जीवन के साथ भी और जीवन के बाद भी. लेकिन बिहारी से प्रेम करवा लेना आसान नहीं होता. युवाओं को समय के क्षण का, अन्न के कण का, धन के पण का और स्वयं के प्रण का आदर करना चाहिए.
आशुतोष 16 जनवरी को रिलीज हो रही एक्शन-कॉमेडी फिल्म ‘वन टू चा चा चा’ के प्रमोशन के सिलसिले में पूरी स्टारकास्ट के साथ गुरुवार को प्रभात खबर कार्यालय पहुंचे थे. आशुतोष राणा के साथ हर्ष मायर, अनंत जोशी, ललित प्रभाकर, अशोक पाठक व नायरा बनर्जी भी थे.
आशुतोष राणा ने बताया बिहार शब्द का अर्थ
आशुतोष राणा ने बताया कि ‘बिहार’ शब्द का अर्थ ही भ्रमण है. ऐसा भ्रमण, जहां मन के भ्रम का भी निवारण हो जाए. यह समस्याओं के समाधान की भूमि है. यहां लोग कठिन परिस्थितियों में भी शांतचित्त रहना जानते हैं. साथ ही, देश के किसी भी हिस्से में डिजिटल मीडिया पर जितने कंटेंट हैं, 40 फीसदी हिस्सा बिहार का है. पढ़ें उनके साथ बातचीत के कुछ अंश..
फिल्मों में बिहारी किरदार को आप किस तरह ढालते हैं?
आशुतोष राणा ने इस प्रश्न पर कहा कि आज डिजिटल मीडिया पर जितना कंटेंट है, उसका बड़ा हिस्सा बिहार से जुड़ा हुआ है. ऐसे में यहां की संस्कृति, बोली और जीवनशैली को समझना किसी भी अभिनेता के लिए कठिन नहीं है. बिहार की भाषा में गमक है, मिठास है, खुशबू है. यहां के लोगों की सहजता और सरलता बहुत आकर्षक है. टीवी और सोशल मीडिया पर जिन चेहरों की सबसे ज्यादा चर्चा होती है, उनमें बड़ी संख्या बिहार से जुड़े लोगों की होती है. यही सब देखकर, सुनकर और महसूस कर अभिनेता अपने किरदार को गढ़ता है.
साहित्य और अभिनय के बीच आप किस तरह संतुलन बनाते हैं?
मेरे लिए साहित्य और अभिनय एक-दूसरे के पूरक हैं. स्वानुभूति को संसार की अनुभूति बनाना साहित्य है और संसार की अनुभूति को स्वानुभूति बनाकर प्रस्तुत करना अभिनय है. एक यात्रा ‘स्व’ से संसार की है और दूसरी संसार से ‘स्व’ की. लेकिन दोनों में ही मूल तत्व अभिव्यक्ति है. कभी हम किताबों के माध्यम से बोलते हैं, कभी कविता से, कभी सिनेमा से और कभी संवाद के जरिये. मनुष्य की पूरी यात्रा अभिव्यक्ति की यात्रा है.
आज के युवाओं के लिए आपका क्या संदेश है?
उन्होंने इस प्रश्न के जवाब में कहा कि समय के क्षण का, अन्न के कण का, धन के पण का और स्वयं के प्रण का आदर करना चाहिए. जो इनका सम्मान नहीं करता, समय भी उसका सम्मान नहीं करता. इसलिए समय को पहचानिए, समय को पकड़िए और उसका सदुपयोग कीजिए.
कोई प्रेरणादायक पंक्ति या शेर जो आप शेयर करना चाहें?
कविता नहीं, लेकिन एक शेर जरूर कहूंगा, जो आज के समय पर बिल्कुल फिट बैठता है.
ढूंढ़िए मत आदमी में आदमी सौ फीसदी, क्योंकि जब चलता है सिक्का कुछ न कुछ घिसता तो है. गम न कीजे जो नहीं है घर तलक पक्की सड़क, धूल-मिट्टी से सना जैसा भी है रस्ता तो है.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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