जहानाबाद में एक लाश के बने दो दावेदार, फर्जी ने कर दी अंत्येष्टि

Updated at : 03 Sep 2019 7:03 AM (IST)
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जहानाबाद में एक लाश के बने दो दावेदार, फर्जी ने कर दी अंत्येष्टि

ट्रेन से कटकर घायल वृद्ध की मौत के बाद पुलिस ने गैरों को सौंप दी लाश जहानाबाद : करीब एक हफ्ते पूर्व शहर के ऊंटा रेलवे गुमटी के पास एक वृद्ध ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गया था, जो इलाज के क्रम में अस्पताल में दम तोड़ दिया. दो-तीन दिनों तक रेल […]

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ट्रेन से कटकर घायल वृद्ध की मौत के बाद पुलिस ने गैरों को सौंप दी लाश
जहानाबाद : करीब एक हफ्ते पूर्व शहर के ऊंटा रेलवे गुमटी के पास एक वृद्ध ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गया था, जो इलाज के क्रम में अस्पताल में दम तोड़ दिया. दो-तीन दिनों तक रेल थाने की पुलिस पास कोई दावेदार नहीं पहुंचा. इसके बाद दो दिन पहले धनरूआ थाने के वीर गांव निवासी रामशकल साव अपने परिजनों के साथ भाई की टोह लेने जहानाबाद रेल थाने पहुंचा.
रामशकल का भाई वासुदेव साव विगत एक वर्ष से घर से लापता था. परिजन लाश की शिनाख्त किये बगैर लेकर चले गये. दाह-संस्कार के लिए जब शव को चिता पर सजाया जा रहा था तभी किसी की नजर लाश के पैर पर गयी. शव के पांव की दोनों अंगुलियां सटी नहीं थीं, जिससे वासुदेव का शव प्रतीत नहीं हो रहा था, फिर भी उसका दाह-संस्कार कर दिया गया.
घर में अभी मंथन का दौर चल ही रहा था कि अचानक जहानाबाद रेल थाने की पुलिस का बुलावा आ गया. रेल थाने पहुंचने पर परिजनों ने देखा कि लाश का असली दावेदार हंगामा मचा रखा है. इसी बीच बाजिदपुर गांव निवासी मनीष ने बताया कि मेरे पिताजी के पांव की दोनों अंगुलियां सटी नहीं थी. उक्त लाश मेरे पिताजी उपेंद्र यादव की थी, जिसके बाद अब पुलिस के होश उड़ गये. पशोपेश में पड़ी पुलिस किसी तरह शव के असली दावेदार को समझा-बुझाकर घर वापस लौटाया.
पुलिस व डॉक्टर के पेच में आठ घंटे तक पड़ा रहा शव
आरा : सदर अस्पताल के इमरजेंसी में सोमवार को आठ बजे से लेकर शाम छह बजे तक वृद्ध का शव स्ट्रेचर पड़ पड़ा रहा. पुलिस और डॉक्टर के कानूनी प्रक्रिया के पेच में मृतक के परिजन परेशान रहे कि पोस्टमार्टम हो और शव लेकर जाएं, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि पंचनामा तैयार होगा, तब पोस्टमार्टम किया जायेगा. वहीं, पुलिस का कहना था कि जब तक डॉक्टर लिखकर नहीं देंगे कि रास्ते में ही वृद्ध की मौत हुई है, तब तक हम पंचनामा तैयार नहीं करेंगे.
बता दें कि सदर अस्पताल में नगर थाने की पुलिस वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पोस्टमार्टम कराने के लिए पंचनामा तैयार करती है. हालांकि इसकी सूचना अस्पताल द्वारा देने के बाद ही पुलिस की टीम करती है, लेकिन सोमवार को पुलिस और डॉक्टर के पेच में फंसे परिजनों का यह हाल था कि लगभग आठ घंटे तक इमरजेंसी वार्ड में शव पड़ा रहा और उसका हाल चाल जाननेवाला कोई नहीं था. बता दें कि जगदीशपुर अनुमंडल के तियर थाने के तियर गांव निवासी जय किशुन सिंह को सांप के डसने पर परिजन सदर अस्पताल लाये थे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था.
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