रोक के बावजूद बाजार में बेचे जा रहे हैं शोध बीज

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धान के बीज को लेकर किसान परेशान सभी किसान अपने खेतों में धान का बिचड़ा डालने में मशगूल जहानाबाद : रकार द्वारा धान के शोध बीज की बिक्री पर रोक लगा दी गयी है. बावजूद बीज भंडारों में शोध बीज चोरी-छिपे बेचे जा रहे. सरकार द्वारा शोध बीज की बिक्री पर रोक लगाने के फरमान […]

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धान के बीज को लेकर किसान परेशान

सभी किसान अपने खेतों में धान का बिचड़ा डालने में मशगूल
जहानाबाद : रकार द्वारा धान के शोध बीज की बिक्री पर रोक लगा दी गयी है. बावजूद बीज भंडारों में शोध बीज चोरी-छिपे बेचे जा रहे. सरकार द्वारा शोध बीज की बिक्री पर रोक लगाने के फरमान जारी होते ही बीज विक्रेताओं में हड़कंप मच गया. आदेश के विरोध में बीज विक्रेताओं ने दो दिनों तक अपनी -अपनी बीज दुकानें बंद रखी.
विक्रेताओं का एक शिष्टमंडल जिला कृषि पदाधिकारी से मुलाकात कर दुकानों में किये गये शोध बीज के भंडारण से अवगत कराते हुए कहा कि अगर इस मौसम में हम किसानों को बीज मुहैया नहीं करा पायेगें तो हमारी दुकानदारी चौपट हो जायेगी. लेकिन कृषि पदाधिकारी ने सरकार के आदेश को मानने का निर्देश बीज विक्रेताओं को दिया.जिसके बाद बीज विक्रेता अपनी-अपनी दुकान से दिखावे के लिए तो शोध बीज हटा लिया लेकिन किसानों के बीच चोरी-छिपे आज भी शोध बीज बेच रहे हैं.
बेचारगी में किसान शोध बीज की खरीदारी भी कर रहे. कारण स्पष्ट है सरकार ने तो फरमान सुना दिया लेकिन किसानों के लिए बीज की कोई वैकल्पिक व्यवस्था फिलहाल नहीं की है. इस स्थिति में सिर्फ किसानों का ही नुकसान दिख रहा है. एक तरफ किसान आंदोलन की गूंज पूरे देश में सुनायी पड़ रही है बावजूद इन किसानों पर तरस खाने को तैयार नहीं दिख रही सरकार.
सभी किसान अपनी खेतों में धान का बिचड़ा डालने में मशगुल हैं .ऐसे में सरकार द्वारा शोध बीज की बिक्री पर रोक लगा दी गयी है. जिसके कारण बीज विक्रेताओं में आक्रोश है तथा फैसले के विरोध में बीज विक्रेताओं ने अपनी-अपनी दुकानें दो दिनों तक बंद रखी है. दुकानदारों का कहना है कि हम लोग बीज की खरीदारी कर लिये थे .सरकार एकाएक शोध बीज के बिक्री पर रो लगा दी है. जिसके कारण हम लोगों को काफी नुकसान होगा. बीज विक्रेताओं द्वारा सरकार के फैसले का किये जा रहे विरोध के कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है.किसान धान के बीज की खरीदारी करने के लिए शहर आ रहे हैं लेकिन दुकान बंद रहने के कारण निराश होकर लौट जाना पड़ता है.
क्या है शोध बीज : जिस धान का बीज को रिसर्च के लिए कृषि अनुसंधान केंद्र में भेजा जाता है और जब तक उसकी वेरायटी नहीं बन जाता है तब तक वह शोध बीज ही रहता है. कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि शोध बीज से किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
सरकार का निर्देश मिलते ही मैंने शोध बीज की बिक्री पर रोक लगवा दिया है तथा बीज विक्रेताओं को बीआरजीएम ,एनएसी आदि प्राइवेट बीज की बिक्री करने का निर्देश दिया गया. अगर कोई भी बीज विक्रेता चोरी-छिपे शोध बीज बेच रहे हैं तो पकड़े जाने पर उन पर कड़ी कारवाई की जायेगी.
शंकर कुमार झा,जिला कृषि पदाधिकारी
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